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दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: हवा में टकराने से बचे दो प्लेन, 227 यात्रियों की जान बची

दिल्‍ली/16/09/2025

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 10 नवंबर 2023 को हुई Near‑Miss घटना की जांच रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जारी कर दी है, जिसमें सामने आया है कि जब दो विमान—इथियोपियन एयरलाइंस का बोइंग 787 और विस्तारा का एयरबस A320—हवा में एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। इन दोनों विमानों में कुल 227 यात्री सवार थे। अब इस गंभीर घटना की जांच पूरी हो चुकी है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय इथियोपियन विमान रनवे 29R से टेकऑफ कर रहा था, जबकि विस्तारा का विमान रनवे 29L पर उतरने ही वाला था। तभी अचानक तेज हवा (विंड शीयर) के कारण विस्तारा की फ्लाइट ने लैंडिंग रोक दी और दोबारा हवा में चढ़ गई (Go-Around)। इसी दौरान दोनों विमान इतनी नजदीक आ गए कि ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) ने दो बार अलर्ट जारी किया और दोनों विमानों को तुरंत दिशा बदलने का निर्देश दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

जांच में सामने आया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) पर उस समय अत्यधिक काम का दबाव था, जिसे 'कॉग्निटिव ओवरलोड' कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंट्रोलर एक साथ कई महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहा था, जिससे उसकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हुई और वह सही समय पर आवश्यक निर्णय नहीं ले पाया। यही चूक इस खतरनाक स्थिति का कारण बनी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अगर ATC ने इथियोपियन फ्लाइट का टेकऑफ समय पर रोक दिया होता, तो यह स्थिति टल सकती थी। लेकिन कंट्रोलर ने पहले विस्तारा की ऊंचाई की पुष्टि करने की कोशिश की, जबकि उसे इथियोपियन क्रू से तुरंत संवाद करना चाहिए था। इससे स्थिति और गंभीर हो गई।

AAIB ने अपनी रिपोर्ट में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को सुझाव दिए हैं कि ATC का कार्यभार कम किया जाए, कंट्रोलर्स को बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

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