दिल्ली में 173 नर्सिंग ऑफिसर का बुराड़ी अस्पताल में ट्रांसफर,कर्मचारियों में नाराजगी और विरोध
नई दिल्ली/14/10/2025
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने जीटीबी अस्पताल के 173 नर्सिंग कर्मियों को बुराड़ी अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया है। हालांकि आदेश के अनुसार वे अगले निर्देश तक जीटीबी में ही ड्यूटी करती रहेंगी, लेकिन कर्मचारियों ने इस फैसले का विरोध तेज कर दिया है। उनका कहना है कि वेतन भुगतान के उद्देश्य से किया गया यह ट्रांसफर उनकी दिनचर्या और कामकाज में गंभीर बाधा पैदा करेगा।
जीटीबी अस्पताल में 26 साल से सेवा दे रही नर्सिंग ऑफिसर जिस्सी शिबू ने बताया कि अस्पताल के पास घर होने के कारण वे परिवार और ड्यूटी दोनों को संतुलित रूप से निभा पा रही थीं। उन्होंने कहा, "अब सिर्फ पेमेंट के लिए ट्रांसफर करना गलत है। मुझे 26 साल में कोई प्रमोशन नहीं मिला और यह नया आदेश हमारे लिए अतिरिक्त परेशानी है। सरकार को निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।"
नर्सिंग स्टाफ की कमी: नर्सेज एसोसिएशन ऑफ जीटीबी अस्पताल के असिस्टेंट सेक्रेटरी हेमेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही 125 नर्स की कमी है। जीटीबी अस्पताल की कुल 1021 नर्सिंग पोस्टों में से 622 पहले से भरी थीं, जबकि DSSSB के माध्यम से 399 पदों के लिए नियुक्तियां हुई थीं, जिनमें से केवल 274 लोग जॉइन हुए। उन्होंने कहा कि नए स्टाफ की नियुक्ति के बजाय ट्रांसफर करना केवल कर्मचारियों की परेशानी बढ़ाने का तरीका है।
दूरी और ड्यूटी में कठिनाई: नर्सिंग ऑफिसर दीपिका ने बताया कि उनका घर जीटीबी से केवल 10 किलोमीटर दूर है और शिफ्ट ड्यूटी में कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन बुराड़ी अस्पताल घर से 20 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर के बाद न केवल ड्यूटी बल्कि वेतन और छुट्टी से जुड़े प्रशासनिक कार्य के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे परेशानी बढ़ जाएगी।
मानसिक तनाव में वृद्धि: नर्सिंग ऑफिसर इंद्राणी ने कहा कि वह सिंगल पैरेंट हैं और दो बच्चों की देखभाल करती हैं। ट्रांसफर आदेश के बाद मानसिक तनाव बढ़ गया है और लंबी दूरी के कारण ड्यूटी और परिवार दोनों संभालना मुश्किल होगा।
सरकार का जवाब: जीटीबी अस्पताल के एडिशनल एमएस डॉक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि बुराड़ी अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या कम है और वहां काम का दबाव अधिक है। इसलिए यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और सरकार ने काम का वितरण इसी अनुसार किया है।
इस विवाद को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों ने सरकार को पत्र लिखकर ट्रांसफर आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिससे न केवल उनके कामकाज में सुधार होगा बल्कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा।