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दिल्ली को मिलेगी नई हरियाली की पहचान:सरकार ने दक्षिणी रिज के 41 वर्ग किमी क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित किया

नई दिल्ली/14/10/2025

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को प्रदूषण की मार से बचाने और हरियाली को फिर से संजीवनी देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दक्षिणी रिज के करीब 41 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को आरक्षित वन क्षेत्र घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह फैसला दिल्ली को “स्वच्छ, हरित और आधुनिक राजधानी” के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यह कदम दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करने और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि बीते 20 वर्षों से रिज क्षेत्रों की उपेक्षा की गई, जिससे हरियाली घटती गई और अतिक्रमण बढ़ता चला गया। अब सरकार ने इस स्थिति को सुधारने की ठोस पहल शुरू की है।

सरकार ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दक्षिणी रिज के इस क्षेत्र को संरक्षित घोषित करते हुए इसे “दिल्ली की फेफड़े” कहे जाने वाले प्राकृतिक हिस्सों की सुरक्षा में पहला बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह शुरुआत है—आने वाले महीनों में दिल्ली के अन्य रिज क्षेत्रों को भी इसी तरह आरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया जाएगा।

देसी और फलदार पेड़ों से सजेगा रिज क्षेत्र

वन विभाग के अनुसार, आरक्षित क्षेत्र की खाली जमीनों पर जल्द ही बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान शुरू होगा। यहां नीम, पीपल, शीशम, जामुन, आम और इमली जैसे देसी और फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। इससे न केवल जमीन की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को भी बल मिलेगा।

सरकार का मानना है कि यह प्रयास न सिर्फ हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि राजधानी के निवासियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण कोई विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की जिम्मेदारी है।”

ट्री ट्रांसप्लांटेशन के लिए बनेगा विशेषज्ञ पैनल

सरकार ने पेड़ों के प्रत्यारोपण (Tree Transplantation) प्रक्रिया को भी और सशक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए तकनीकी दक्षता और अनुभव रखने वाली एजेंसियों का चयन किया जाएगा। इस दिशा में वन विभाग ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है, ताकि प्रत्यारोपित पेड़ों के जीवित रहने की दर में सुधार लाया जा सके।

यह निर्णय हाल ही में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि इस कदम से दिल्ली का भूजल स्तर, हरियाली और पारिस्थितिकी तंत्र — तीनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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