सरकारी नौकरी में दिव्यांगजनों का आरक्षण 3% से बढ़कर 4% हुआ: मल्लिका नड्डा
सोलन/04/10/2025
सोलन। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भाजपा, स्पेशल ओलंपिक्स एवं रोशनी संस्थान द्वारा नगर निगम हॉल, ठोड़ो ग्राउंड में दिव्यांगजन एवं विशिष्ट व्यक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा मौजूद रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की।
समारोह में संबोधन करते हुए डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि दिव्यांगजनों को अब दिव्य शक्ति से परिपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2016 में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम लागू किया गया, जिसके अंतर्गत अब 21 प्रकार की दिव्यांगताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समान अधिकार और अवसर मिलना बेहद जरूरी है।
डॉ. नड्डा ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा और रोजगार में आरक्षण बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण था, जिसे अब बढ़ाकर 4% कर दिया गया है। वहीं शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 18 वर्ष तक की उम्र के दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है और 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को पेंशन सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश की लगभग 5% आबादी दिव्यांगजन हैं। देश में 7 करोड़ और हिमाचल प्रदेश में करीब 3.50 लाख दिव्यांगजन रहते हैं। इनके लिए सेवा और सहयोग केवल एक दिन या सप्ताह का कार्य नहीं बल्कि निरंतर प्रयास का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने महिला मोर्चा और युवा मोर्चा से अपील की कि समाज को जागरूक करने और दिव्यांगजनों के शोषण पर रोक लगाने के लिए अहम भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम में 27 दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया। इनमें बिलासपुर से दीपक (स्कीइंग गोल्ड), शिव और शालिनी, ऊना से अंचल, कुल्लू से गिरधन (सिंकिंग गोल्ड), सोलन से अभिशेष, रिया, अविनाश, भाविक, अमन रघुवंशी और प्रवण, कांगड़ा से आकृति, अरविंद, डिम्पल, रोहित, अनु और निखिल तथा शिमला से हर्षिता और अक्षय नेगी शामिल रहे।
डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार दिव्यांग एथलीटों की प्रतिभा को सम्मानित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देती है। स्पेशल ओलंपिक भारत के गोल्ड मेडलिस्ट को 20 लाख, सिल्वर मेडलिस्ट को 14 लाख और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 8 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है।
यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के उत्थान, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।