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Drishti IAS पर सीसीपीए ने लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना, UPSC 2022 रिजल्ट में भ्रामक दावा

नई दिल्ली/03/10/2025

vikas

नई दिल्ली: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने मशहूर UPSC कोचिंग संस्थान Drishti IAS (VDK Eduventures Pvt. Ltd.) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि संस्थान ने UPSC CSE 2022 के रिजल्ट को लेकर भ्रामक विज्ञापन चलाया, जिसमें दावा किया गया कि उनके यहाँ से 216+ छात्र सफल हुए।

जांच में पाया गया कि यह दावा गुमराह करने वाला था क्योंकि जिन छात्रों के नाम और तस्वीरें विज्ञापन में दिखाई गईं, उनमें से 162 छात्रों ने केवल इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) लिया था, जबकि वे पहले ही प्रीलिम्स और मेन्स क्लियर कर चुके थे। केवल 54 छात्रों ने IGP के अलावा अन्य कोर्स किए थे। CCPA ने कहा कि इस तरह की जानकारी छुपाने से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि संस्थान ने उम्मीदवारों की पूरी तैयारी में योगदान दिया। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन माना गया।

Drishti IAS पर यह पहली कार्रवाई नहीं है। सितंबर 2024 में भी CCPA ने इस संस्थान पर UPSC 2021 के लिए 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। उस समय भी संस्थान ने “150+ चयन” का दावा किया था, जबकि अधिकांश छात्रों ने केवल IGP किया था। चेतावनी के बावजूद Drishti IAS ने UPSC 2022 में फिर वही गलती दोहराई।

CCPA ने यह भी बताया कि अब तक 54 कोचिंग संस्थानों को misleading ads और unfair trade practices के लिए नोटिस भेजा जा चुका है, जिनमें से 26 संस्थानों पर करीब 90.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अधिकांश संस्थान परिणाम का प्रचार करते समय छात्रों के कोर्स की सही जानकारी नहीं देते और बड़ी संख्या दिखाकर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।

CCPA ने कहा कि छात्रों और माता-पिता को “सूचित विकल्प का अधिकार” है। भ्रामक विज्ञापन से उन्हें सही फैसला लेने का अधिकार छिनता है। इसलिए सभी कोचिंग संस्थानों को सच बताना अनिवार्य है ताकि कोई छात्र झूठे दावों में गुमराह न हो। Drishti IAS पर यह कार्रवाई पूरे कोचिंग सेक्टर के लिए सख्त संदेश है और UPSC की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए चेतावनी है।

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