फोरेक्स ट्रेडिंग घोटाले में 400 करोड़ का खुलासा, ईडी की बड़ी कार्रवाई
शिमला/19/09/2025
शिमला। फोरेक्स ट्रेडिंग घोटाले में 400 करोड़ रुपये के बड़े स्कैम का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य एजेंट हरिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद विशेष पीएमएलए अदालत चंडीगढ़ ने आरोपी को नौ दिन की ईडी कस्टडी में भेजा है। यह पूरा मामला क्यूएफएक्स, वाईएफएक्स और बीओटीबीआरओ जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्मों के जरिए चलाए गए निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें कंपनियों और उनके एजेंटों ने हर महीने तय मुनाफे का लालच देकर हजारों निवेशकों से अरबों रुपये ठगे।
ईडी ने इस घोटाले की जांच हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन एफआईआर में आरोप था कि क्यूएफएक्स ग्रुप ऑफ कंपनियों और उसके एजेंटों ने निवेशकों को 5 से 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये जुटाए और अवैध डिपॉजिट स्कीम के जरिए उन्हें ठगा। जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड नवाब उर्फ लैविश चौधरी है, जो फिलहाल दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा है।
ईडी की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि भारत में पैसों की वसूली के लिए एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया था। निवेशकों से जुटाई गई रकम को कई शेल कंपनियों और पेमेंट गेटवे के जरिए घुमाया गया, ताकि असली स्रोत और पैसों की पहचान छिपाई जा सके। धोखाधड़ी को और मजबूत करने और लोगों को लगातार गुमराह करने के लिए हर कुछ महीनों बाद नया ऑनलाइन प्लेटफार्म लॉन्च किया जाता था, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस जाल में फंसाया जा सके।
फिलहाल ईडी की छापेमारी और संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपी हरिंदर पाल सिंह से पूछताछ कर एजेंसी को उम्मीद है कि बाकी नेटवर्क और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए अहम सुराग मिलेंगे। यह मामला देशभर के हजारों निवेशकों के साथ हुआ एक बड़ा वित्तीय अपराध माना जा रहा है, और आने वाले दिनों में ईडी की कार्रवाई से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।