पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा का बयान: बेटे की मौत पर बोले – 18 साल से नशे का आदी था, मानसिक स्थिति बिगड़ने से लगाए झूठे आरोप
चंडीगढ़/22/10/2025
हरियाणा के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के बेटे अकील की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद वायरल हुए वीडियो ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। वीडियो में अकील ने अपने पिता पर अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंधों का आरोप लगाया था। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने पूर्व डीजीपी मुस्तफा, उनकी पत्नी और बहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। अब पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने इस मामले पर खुलकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और बेटे के लगाए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मंगलवार को सहारनपुर जिले के गांव हरडाखेड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व डीजीपी मुस्तफा चौधरी ने कहा कि उनका बेटा अकील पिछले 18 वर्षों से ड्रग्स का सेवन कर रहा था, जिसके कारण उसकी मानसिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि अकील कई बार हिंसक हो जाता था और अपनी पत्नी के साथ मारपीट तक करता था। उन्होंने कहा, “अकील का व्यवहार कई बार नियंत्रण से बाहर हो जाता था। उसका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका था और वह कई बार ऐसी बातें कह देता था, जो कोई सामान्य व्यक्ति नहीं कह सकता।”
पूर्व डीजीपी ने बताया कि अकील की हिंसक प्रवृत्ति नई नहीं थी। वर्ष 2008 में उसने अपनी मां रजिया सुल्ताना पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, लेकिन उस समय परिवार ने समाज में बदनामी के डर से मामले को दबा दिया था। मुस्तफा ने कहा कि अकील के मानसिक रोग और ड्रग्स की लत ने धीरे-धीरे उसे एक खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया था।
उन्होंने आगे बताया कि 27 अगस्त को अकील ने नशे की हालत में वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने परिवार के खिलाफ गंभीर और झूठे आरोप लगाए। मुस्तफा ने कहा कि अकील ने बाद में 8 अक्टूबर को वीडियो के लिए माफी भी मांगी थी, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। उन्होंने कहा, “उसका वीडियो बनाना एक नशेड़ी की कल्पना थी। वह समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या कह रहा है। बेटे के रूप में वह हमारा हिस्सा था, लेकिन मानसिक रूप से वह बहुत कमजोर हो गया था।”
पूर्व डीजीपी ने यह भी बताया कि बेटे की संदिग्ध मौत के बाद उन्होंने खुद पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया, ताकि किसी भी तरह का संदेह बाकी न रहे। उन्होंने कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। मुस्तफा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस घटना को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह हमारे परिवार के लिए बेहद कठिन समय है। एक पिता के लिए यह सब सुनना और झेलना असहनीय है। मेरे बेटे ने हमारे परिवार की महिलाओं पर जो आरोप लगाए, वे पूरी तरह निराधार हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि वह मानसिक रूप से बीमार था और उसे समझ ही नहीं थी कि वह क्या कह रहा है।”
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अब तक मिले सबूतों, वायरल वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में जांच जारी रखी है। यह मामला पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है बल्कि समाज में यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि ड्रग्स और मानसिक अस्थिरता कैसे एक परिवार की नींव हिला सकती है।