गागल में सड़क निर्माण के बाद मलबा डंपिंग पर विवाद – ग्रामीण बोले,बरसात में बढ़ जाएगा खतरा
शिमला/04/11/2025
तहसील सुन्नी (जिला शिमला) के ग्राम बनूना के गागल क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा किए गए मलबा डंपिंग कार्य ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने मलबे को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की बजाय उसे आबादी और खेतीबाड़ी के बिल्कुल नज़दीक डाल दिया। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो बारिश के दौरान यह मलबा नीचे की ओर बह सकता है और रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
ग्राम बनूना की ग्राम विकास समिति की बैठक 02 नवंबर 2025 को बुलाई गई, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की। बैठक में सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि इस मामले को संबंधित सरकारी विभागों के सामने रखा जाएगा ताकि मलबा हटाने और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के बाद समिति ने वन विभाग, जिला पर्यावरण संरक्षण समिति, तहसील प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में तीन प्रमुख माँगें की गईं — पहली, मलबा डंपिंग के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच हो। दूसरी, गांव के आसपास डंप किए गए मलबे को तुरंत हटाया जाए। और तीसरी, भविष्य में गांव की सीमा के भीतर मलबा फेंकने पर प्रतिबंध लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार देखा है कि बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की मलबा डंपिंग बड़े भूस्खलन का कारण बनती है। इस वजह से गांव के लोग लगातार डर और असुरक्षा में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण करवाने और मलबा हटवाने की कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य होना चाहिए, लेकिन ऐसे कार्य किसी की जान और संपत्ति को जोखिम में डालकर नहीं होने चाहिए।