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गाजियाबाद में DM ने 35 अधिकारियों का वेतन रोका, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई

गाजियाबाद/10/10/2025

DM

गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने 35 लापरवाह अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। अधिकारियों का वेतन 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक रोका गया है। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। यह कदम सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद अधिकारियों का लापरवाह रवैया सुधर जाएगा।

35 अधिकारियों का रोका गया वेतन:

जिलाधिकारी ने 35 अधिकारियों का वेतन इसलिए रोका क्योंकि उनका संतुष्ट फीडबैक प्रतिशत आईजीआरएस पोर्टल पर शून्य था। अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही जनपद की छवि को शासन के समक्ष धूमिल करती है। जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी गाजियाबाद को निर्देशित किया है कि अग्रिम आदेशों तक सभी 35 अधिकारियों का मासिक वेतन ट्रांसफर न किया जाए।

आईजीआरएस के निस्तारण का फीडबैक संतोषजनक नहीं:

सितंबर माह में जन अधिकारियों के आईजीआरएस निस्तारण का फीडबैक संतोषजनक नहीं पाया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण करें, शिकायतकर्ता की संतुष्टि को वरीयता दें और फीडबैक प्रतिशत बढ़ाएं।

शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण:

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि शिकायतों का निस्तारण करने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता को सूचित करें। यदि आवश्यक हो तो स्थलीय निरीक्षण कर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। प्रशासन का मानना है कि आम जनता की शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण शासन की पहली प्राथमिकता है।

फीडबैक का उद्देश्य:

आईजीआरएस फीडबैक का मुख्य उद्देश्य आम जनता की राय लेना है। अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निस्तारण होने के बाद मुख्यालय से शिकायतकर्ता को कॉल कर उनकी संतुष्टि जानी जाती है। इससे पता चलता है कि जनता निस्तारण से संतुष्ट है या नहीं।

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