NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

हमीरपुर में दिल दहला देने वाली वारदात — पड़ोसी नाबालिग की दरिंदगी से घायल महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम, दिव्यांग बेटा गोलू रह गया बेसहारा

हमीरपुर/09/11/2025

diyyang

हमीरपुर जिले के सासन क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके की संवेदनाओं को झकझोर दिया। दिव्यांग बेटे गोलू की दुनिया उसकी मां तक ही सीमित थी — वही उसकी आंखें थीं, वही उसका सहारा। लेकिन अब गोलू पूरी तरह अकेला हो गया है, क्योंकि पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग ने उसकी मां को इतनी बेरहमी से पीटा कि उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

क्या हुआ था उस दिन?

घटना 3 नवंबर की है। रिपोर्ट्स के अनुसार पड़ोस में रहने वाले एक किशोर ने किसी बात पर अचानक महिला पर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता देखकर लोग दंग रह गए — महिला गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। पहले उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर स्थिति बिगड़ने पर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। वहां छह दिनों तक वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष करती रहीं लेकिन सोमवार को उनकी मृत्यु हो गई।

आरोपी नाबालिग — पर क्रूरता ने उम्र को भी पीछे छोड़ दिया

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसे नाबालिग बताकर बाल सुधार गृह भेज दिया है। लेकिन इस फैसले ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। लोगों का कहना है कि:

"अगर अपराध इतना जघन्य है, तो उम्र नहीं, कृत्य देखा जाए।"

सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि ऐसे मामलों में कानून कठोर होना चाहिए, ताकि नाबालिग होने का बहाना लेकर कोई भी अपराधी बच न सके।

दिव्यांग गोलू का सहारा छिन गया

रंजना (मृतका) अपने दिव्यांग बेटे गोलू की अकेली अभिभावक थीं। परिवार में अन्य कोई सदस्य नहीं था जो उसकी देखभाल कर सके। लोगों को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि अब गोलू का भविष्य क्या होगा और उसकी देखभाल कौन करेगा।

समाज के लिए बड़ा संदेश

यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है। बढ़ती हिंसा, गुस्सा, और मोबाइल/सोशल मीडिया की दुनिया के प्रभाव में बच्चे बिना भावनाओं और संस्कारों के बड़े हो रहे हैं।

गलती बच्चों की नहीं, उपेक्षा की है।

Scroll to Top