हरियाणा: IPS पूरन कुमार आत्महत्या मामले में DGP समेत 10 वरिष्ठ अफसरों पर FIR दर्ज
हरियाणा/10/10/2025
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनकी पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज की है, जिसमें हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर समेत 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। FIR दर्ज होने तक IAS अमनीत पी. कुमार पोस्टमार्टम कराने के लिए अड़ी रहीं। अंततः देर रात चंडीगढ़ SSP ने पुष्टि की कि मामला BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
FIR में उन्हीं अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में मानसिक प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार बताया था। इस मामले के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत कार्रवाई मोड में कदम रखा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 1993 बैच के IPS अधिकारी आलोक मित्तल को अपने आवास पर बुलाया। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि DGP शत्रुजीत कपूर को हटाया जा सकता है और उनकी जगह आलोक मित्तल को हरियाणा पुलिस की कमान सौंपी जा सकती है।
IAS अमनीत पी. कुमार ने अपनी शिकायत में लिखा है:
“यह कोई साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है। मेरे पति को उच्च अधिकारियों ने लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया। अब हम न्याय चाहते हैं – उस अन्याय का जवाब, जो उन्हें झेलना पड़ा।”
पूरन कुमार अनुसूचित जाति से थे और अपनी ईमानदारी और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके सुसाइड नोट में उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेकर उनकी मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था, जिसने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया।
FIR में BNS धारा 108 और SC/ST एक्ट का जुड़ना यह संकेत देता है कि आत्महत्या के पीछे उकसाने और जातिगत भेदभाव का पहलू भी हो सकता है। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था में गहरी हलचल का संकेत देती है।
चंडीगढ़ पुलिस ने फोरेंसिक टीमों को जांच में लगाया है और सुसाइड नोट, डिजिटल साक्ष्य व संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। FIR में नामजद अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है।
अमनीत पी. कुमार ने कहा:
“यह सिर्फ मेरे पति के लिए न्याय नहीं है, बल्कि उन सभी ईमानदार अधिकारियों के लिए संदेश है, जो सिस्टम के भीतर संघर्ष कर रहे हैं। मेरे बच्चों को न्याय मिलना चाहिए।”
इस FIR के बाद हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में जवाबदेही और पारदर्शिता का नया अध्याय शुरू हो सकता है।