हिमाचल में 11 करोड़ जनधन खातों ने नहीं करवाई ई-केवाईसी, संजय मल्होत्रा ने चेताया
सोलन/15/09/2025
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देशभर में करीब 55 करोड़ जनधन खातों में से 11 करोड़ खाताधारकों ने अभी तक दोबारा ई-केवाईसी नहीं करवाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये खाताधारक जल्द ई-केवाईसी नहीं कराते हैं, तो आगामी दिनों में इन खातों का संचालन करने में दिक्कत आ सकती है। हिमाचल प्रदेश में कुल 19.20 लाख जनधन खाते हैं, जिनमें से करीब 25 प्रतिशत निष्क्रिय हैं।
संजय मल्होत्रा ने सोलन में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय समावेशन संतृप्ति कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं, जो वित्तीय साक्षरता और समावेशन के क्षेत्र में एक अनूठी पहल है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता एक-दूसरे के पूरक हैं और आरबीआई यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी लोग वित्तीय रूप से साक्षर हों और उनका धन सुरक्षित रहे।
गवर्नर ने बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 1.65 लाख वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदेश में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 500 जनसंख्या वाली बस्तियों के पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन की दिशा में पहला कदम बैंक खाता है और देश में अब तक लगभग 250 करोड़ बैंक खाते खुल चुके हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और अन्य वित्तीय योजनाओं के तहत लाभार्थियों को दावे के चेक भी प्रदान किए गए। संजय मल्होत्रा ने डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए पासवर्ड और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी और कहा कि री-ई-केवाईसी करवाने से फ्रॉड की आशंका भी कम होती है।
इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन, आरबीआई की मुख्य महाप्रबंधक निशा नांबियार, पीएनबी के जोनल हेड राकेश तोमर और डिप्टी जनरल मैनेजर दया नंद कर्दम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि बैंक द्वारा समय-समय पर दी जा रही वित्तीय जानकारी और निर्देशों का पालन करें ताकि वित्तीय समावेशन का लक्ष्य पूरा हो सके।