मुख्यमंत्री ने बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की , राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
शिमला/17/09/2025
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पिछले 48 घंटों में प्रदेशभर में हुई भारी बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए शिमला में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि और संपत्ति की क्षति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेज़ी से संचालित करने के निर्देश दिए।
बीते दो दिनों में भारी बारिश से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन लोग जिला मंडी के निहारी क्षेत्र से और दो सदर उपमंडल के पंडोह मोहाल सुमा क्षेत्र से संबंधित हैं। इसके अलावा दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि सितंबर माह में प्रदेश में सामान्य से 136 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पूरे मॉनसून सीजन के दौरान अब तक 45 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इस आपदा में अब तक 417 लोगों की मौत हो चुकी है, 45 लोग लापता हैं और राज्य को लगभग 4,582 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस दौरान 15,022 संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें 1,502 घर पूरी तरह ढह गए, 6,467 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, 6,316 गौशालाएं और 594 दुकानें प्रभावित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को प्रभावित जिलों का व्यक्तिगत दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को विशेषकर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क संपर्क शीघ्र बहाल करने के आदेश दिए, ताकि सेब की फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सके और बागवानों को नुकसान न उठाना पड़े। साथ ही, एचपीएमसी को अपने संग्रहण केंद्रों से सेब ढुलाई के लिए अतिरिक्त वाहन लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। विशेष राहत पैकेज के तहत आपदा में बेघर हुए परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किराया प्रदान करने की शर्तों में ढील दी जा सकती है ताकि अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों को लाभ पहुंच सके। इसके साथ ही असुरक्षित भवनों में रह रहे लोगों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उप मुख्य-सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरदीप सिंह बावा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (आईटी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।