हिमाचल को बीबीएमबी में मिल सकती है स्थायी सदस्यता, केंद्र ने भेजा नया ड्राफ्ट — जानिए क्या है पूरा मामला
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में राज्य को जल्द ही स्थायी सदस्यता मिल सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की लगातार मांग और पहल के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी पार्टनर राज्यों को इस संबंध में नए नियमों का ड्राफ्ट भेजा है।
इस ड्राफ्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान को बीबीएमबी में स्थायी सदस्यता देने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में बोर्ड में केवल पंजाब और हरियाणा ही स्थायी सदस्य हैं। हिमाचल की बीबीएमबी में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अधिकतर भागीदारी पंजाब और हरियाणा की है।
अगर हिमाचल को यह सदस्यता मिल जाती है, तो राज्य के अधिकारियों को बीबीएमबी मुख्यालय में प्रतिनिधित्व मिलेगा और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। हालांकि यह मामला ऊर्जा मंत्रालय से जुड़ा है, लेकिन अंतर-राज्यीय विवाद होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय इसे देख रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी हाल ही में नॉर्थ जोन काउंसिल की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। मगर, पंजाब सरकार ने मंत्रालय द्वारा भेजे गए ड्राफ्ट पर आपत्ति जताई है। बीबीएमबी के अलावा हिमाचल और पंजाब के बीच ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई विवाद पहले से लंबित हैं, जिनमें बीबीएमबी एरियर और शानन बिजली परियोजना का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
बीबीएमबी में स्थायी सदस्यता मिलने से न केवल हिमाचल को प्रशासनिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, बल्कि राज्य के हितों की रक्षा और समन्वय में भी मजबूती आएगी।
17 नवंबर को गाजियाबाद में उठेगा मुद्दा
बीबीएमबी में स्थायी सदस्यता का मुद्दा अब एक बार फिर चर्चा में रहेगा। 17 नवंबर को गाजियाबाद में होने वाली नॉर्थ जोन काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू इस विषय को दोबारा उठाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में हिमाचल प्रदेश किशाऊ डैम जैसी अंतर-राज्यीय परियोजनाओं पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
यह भी पढ़ें: यहाँ क्लिक करें अगले संबंधित लेख के लिए