हिमाचल में वित्तीय संकट गहराया: ठेकेदार को भुगतान न मिलने पर 3.73 करोड़ का नया रेस्ट हाउस बंद, सरकार पर विपक्ष का हमला
मंडी/04/11/2025
हिमाचल प्रदेश में वित्तीय संकट का असर अब सरकारी कामों पर साफ दिखाई देने लगा है। मंडी जिले के सुंदरनगर में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार किए गए नए रेस्ट हाउस पर एक ठेकेदार ने ताला जड़ दिया है। वजह — सरकार ने लगभग 1 करोड़ रुपये की लंबित पेमेंट अब तक जारी नहीं की। इस रेस्ट हाउस को 3.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और काम पूरा होने के बावजूद ठेकेदार को भुगतान न होने पर उसने भवन विभाग को सौंपने से इनकार कर दिया।
, यह नया विश्राम गृह पुराने रेस्ट हाउस के साथ ही बनाया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन में वीवीआईपी और वीआईपी सेट तैयार किए गए हैं। साथ ही 200 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया गया है। दोनों रेस्ट हाउस मिलाकर कुल 22 कमरे उपलब्ध हो जाते हैं। हालांकि, इतना बड़ा प्रोजेक्ट बन जाने के बाद भी सरकार इसे इस्तेमाल में नहीं ला पा रही है क्योंकि भुगतान और फर्नीचर के लिए 50 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की मंजूरी नहीं हुई है।
PWD के एक्सईएन रोशन ठाकुर ने पुष्टि की कि निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम भुगतान और फर्नीचर के बजट की कमी के कारण भवन हैंडओवर नहीं हो पाया है।
इस मुद्दे पर अब राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद भुगतान रोककर ठेकेदारों को परेशान कर रही है। सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा कि पहले सरकार तालाबंदी कर रही थी और अब ठेकेदारों को ऐसा करने पर मजबूर कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया—“सुक्खू सरकार प्रदेश की कितनी जगहंसाई करवाएगी?”
उधर, सरकार पर यह आरोप पहले से लग रहे हैं कि प्रदेश में आर्थिक संकट के चलते ठेकेदारों और सप्लायर्स की पेमेंट अटक रही है। दिवाली से पहले सीएम सुखविंदर सुक्खू ने घोषणा की थी कि ठेकेदारों के भुगतान कर दिए जाएंगे, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर धर्मशाला में पिछले सप्ताह ठेकेदारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने हाल ही में 264 रेस्ट हाउस आम जनता के लिए खोलने और ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने के बाद 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई होने का दावा किया था। लेकिन अब नए रेस्ट हाउस पर ताला लगने से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।