हिमाचल में स्वच्छता की नई पहल: गांव-गांव से कूड़ा उठाने को सरकार खरीदेगी 800 ई-रिक्शा, पंचायतों में बनेगी कंपोस्ट खाद
शिमला/09/10/2025
हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मैदानी क्षेत्रों की 800 ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने का फैसला किया है। इस योजना को ग्रामीण विकास विभाग लागू करेगा, जबकि राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स निगम ई-रिक्शा की खरीद प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
नए साल से शुरू होने वाली इस डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा के तहत शुरुआत में हर पंचायत को एक ई-रिक्शा दिया जाएगा। इसके माध्यम से घरों और दुकानों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को संस्थागत रूप देना है।
एकत्रित गीले कचरे को पंचायत स्तर पर बनाए गए कंपोस्टिंग यूनिट्स में डालकर जैविक खाद (कंपोस्ट) तैयार की जाएगी, जिससे पंचायतों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। वहीं, सूखे कचरे को छांटकर रिसाइक्लिंग यूनिट्स को भेजा जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने बताया कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पेट्रोल या डीजल वाहनों की जगह बैटरी चालित ई-रिक्शा का उपयोग करने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और ध्वनि व वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रहेगा।
इस योजना के तहत स्थानीय युवाओं और महिला समूहों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पंचायतें स्वयं सहायता समूहों या स्थानीय युवाओं के माध्यम से इन वाहनों का संचालन करेंगी। इससे न केवल ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन होगा बल्कि ग्रामीण स्वावलंबन को भी बल मिलेगा।
राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2026 तक हिमाचल की सभी ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था स्थापित की जाएगी। यह योजना न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।