हिमाचल सरकार का यू-टर्न: कर्मचारियों की वेतन कटौती पर रोक
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। कर्मचारियों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हायर ग्रेड-पे पर जारी नोटिफिकेशन को वापस लेने का आश्वासन दिया है। इस फैसले से लगभग 12,000 कर्मचारियों को फायदा होगा, जिनकी सैलरी में 10 से 20 हजार रुपए की कटौती होने वाली थी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, पूर्व बीजेपी सरकार ने 6 सितंबर 2022 को एक नोटिफिकेशन जारी कर 89 श्रेणियों के कर्मचारियों को दो साल की नियमित सेवा पूरी करने पर हायर ग्रेड-पे देने का फैसला किया था। इससे हजारों कर्मचारियों के वेतन में 10 से 20 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी हुई थी।
मगर, हाल ही में कांग्रेस सरकार के वित्त विभाग ने इस नोटिफिकेशन को वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि इससे उनकी सैलरी में भारी कटौती होनी थी। कई कर्मचारियों ने तो इस बढ़ी हुई सैलरी के आधार पर होम लोन भी ले रखे थे, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ जातीं।
कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
सरकार के इस फैसले के खिलाफ कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा और एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अगुवाई में कर्मचारी शिमला सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो वे निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे और सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ब्यूरोक्रेसी ने मुख्यमंत्री के सामने गलत तथ्य पेश किए हैं, जिससे सरकार और कर्मचारियों के बीच खाई पैदा हो रही है।
सीएम सुक्खू ने दिया आश्वासन
कर्मचारियों के बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कर्मचारी नेताओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटिफिकेशन में जो गलती हुई है, उसे ठीक किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों को हायर ग्रेड-पे का लाभ मिल चुका है, उनसे यह वापस नहीं लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में कर्मचारियों को एडिशनल इंक्रीमेंट नहीं दिया जाएगा।
फिलहाल, कर्मचारी संगठनों को सीएम के आश्वासन से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन वे तब तक शांत नहीं होंगे जब तक नोटिफिकेशन को आधिकारिक तौर पर वापस लेने के आदेश जारी नहीं हो जाते।