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प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले — अब लोगों को प्रदेश में ही मिल रही आधुनिक चिकित्सा सेवाएं

शिमला/07/10/2025

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में एक सुदृढ़ और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाना और प्रदेश के भीतर ही सभी प्रकार की उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार अधोसंरचना विकास के साथ-साथ डिजिटल हेल्थ सिस्टम, आधुनिक उपकरण और टेलीमेडिसिन जैसी तकनीक को अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावशाली बना रही है। उन्होंने कहा कि ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ट्रॉमा सेंटर के साथ नया ओपीडी और पीईटी ब्लॉक, तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में पीईटी स्कैन मशीन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू की जा रही हैं।

सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार अटल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर चुकी है। आने वाले समय में अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन की व्यवस्था प्रभावी साबित हो रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार शहरी इलाकों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रही है। “अर्बन हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर” की स्थापना के माध्यम से शहरों में रहने वाली विविध आबादी को समुचित प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रसव पूर्व देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही है और बिलासपुर व किन्नौर जैसे जिलों में समय पर जांच सुनिश्चित की जा रही है ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘हिम केयर योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं और स्वास्थ्य उपचार का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है। सिरमौर जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का उन्नयन किया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर सेवाएं और बेहतर हुई हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ सूचना प्रणाली को उप-केंद्र स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जोड़ा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सरकार ने रेडियोग्राफर और एक्स-रे तकनीशियन जैसे तकनीकी कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की है।

कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 200 मेडिकल अधिकारियों, 38 सहायक प्रोफेसरों और 400 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इससे न केवल चिकित्सा महाविद्यालयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जनता को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं भी सुगमता से मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के भीतर ही अत्याधुनिक, सुलभ और सस्ती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि “अब हिमाचल के लोगों को बेहतर इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि हमारी सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को इतना मजबूत बना दिया है कि हर नागरिक को अपने राज्य में ही आधुनिक उपचार की सुविधा मिल सके।

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