हिमाचल हाईकोर्ट में जस्टिस जियालाल भारद्वाज और जस्टिस रोमेश वर्मा ने ली शपथ
शिमला/06/10/2025
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में आज दो नए न्यायाधीशों, जस्टिस जियालाल भारद्वाज और जस्टिस रोमेश वर्मा, ने पद की शपथ ली। दोनों को शपथ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया ने दिलवाई। यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद की गई।
जस्टिस जियालाल भारद्वाज का जन्म 20 अगस्त 1969 को सोलन जिले (अरकी) में हुआ। उन्होंने 1994 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की और वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार गोयल के चैंबर में कार्य किया। अरुण कुमार गोयल बाद में स्वयं हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश और राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष बने।
जस्टिस रोमेश वर्मा का जन्म 7 मई 1974 को शिमला जिले (सुनी) में हुआ। उन्होंने अपने पिता, वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम दास वर्मा के मार्गदर्शन में 1999 में प्रैक्टिस शुरू की।
इस समय हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश समेत 11 जज कार्यरत हैं। दो नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी। हाईकोर्ट में कुल स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 17 है, जिसमें 4 अतिरिक्त और 13 स्थाई न्यायाधीश शामिल हैं।
वर्तमान न्यायाधीशों में मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया के अलावा न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, अजय मोहन गोयल, संदीप शर्मा, ज्योत्सना रिवाल दुआ, सुशील कुकरेजा, वीरेंद्र सिंह, सत्येन वैद्य, बीसी नेगी, रंजन शर्मा और राकेश कैंथला शामिल हैं।
हाल ही में न्यायमूर्ति तर्लोक सिंह चौहान झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने हैं। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में इस समय पेंडिंग मामलों की संख्या लगभग एक लाख से अधिक है। दो नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से पेंडिंग मामलों के निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।
शपथ लेने वाले न्यायाधीशों के विवरण:
जस्टिस जियालाल भारद्वाज: सोलन जिले (अरकी) से संबंध, वरिष्ठ अधिवक्ता रहे, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 15 सितंबर 2025 को नाम प्रस्तावित किया और राष्ट्रपति ने मंजूरी दी।
जस्टिस रोमेश वर्मा: शिमला जिले (सुनी) से संबंध, वरिष्ठ अधिवक्ता रहे, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 15 सितंबर 2025 को नाम प्रस्तावित किया और राष्ट्रपति ने मंजूरी दी।
दोनों न्यायाधीशों ने शपथ ग्रहण के बाद हाईकोर्ट में पदभार ग्रहण किया और अब वे हिमाचल प्रदेश के न्यायिक मामलों में सक्रिय रूप से योगदान देंगे।