हिमाचल के हितों में सहयोग के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाएं पंजाब व हरियाणा: मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला /15/09/2025
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के समापन अवसर पर कहा कि प्रदेश को अपने वैध अधिकारों के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जिसमें शानन जलविद्युत परियोजना और बीबीएमबी से बकाया राशि जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं, जिनमें पंजाब और हरियाणा द्वारा लगातार अड़चनें डाली जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब और हरियाणा को ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभाते हुए हिमाचल को उसका हक देने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने सम्मेलन के दौरान हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र का उद्घाटन किया और सहकारी गान व स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य में सहकारी आंदोलन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, जिसमें वर्तमान में 5,000 से अधिक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 2,000 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी समितियों को व्यावसायिक कार्यों के लिए भूमि खरीदने हेतु धारा 118 में छूट देने और ऋणदाताओं के लिए वन टाइम सेटलमेंट नीति लागू करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जहां अब राज्य देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि भाजपा शासन में यह 21वें स्थान पर था, और अब रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी दो संस्थानों में शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 करोड़ रुपये की प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान के बावजूद विकास कार्य नहीं रुके हैं; दूध की कीमतों में 21 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद मिल्कफेड रोज़ाना 2.5 लाख लीटर दूध खरीद रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, और ‘हिम-ईरा’ ब्रांड के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, और अन्य सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।