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हिमाचल टॉप-5 राज्यों में शामिल: सीएम सुक्खू ने जारी की मानव विकास रिपोर्ट, SDG में शानदार प्रदर्शन

शिमला/27/10/2025

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शिमला। हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर विकास की दिशा में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को राज्य की मानव विकास रिपोर्ट 2025 जारी की। यह रिपोर्ट पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीकी और जलवायु परिवर्तन विभाग ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के सहयोग से तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश ने सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में भारत के शीर्ष 5 राज्यों में जगह बनाई है।

वर्ष 2023-24 के मूल्यांकन में हिमाचल का समग्र स्कोर 77 दर्ज किया गया है, जो राज्य की विकास नीतियों और सामाजिक प्रगति को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 16 में से 9 SDG लक्ष्यों में हिमाचल ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। इनमें विशेष रूप से किफायती और स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ जल और स्वच्छता, तथा सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह उपलब्धि हिमाचल के संतुलित और पर्यावरण-मित्र विकास मॉडल की पहचान है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है। हिमाचल को एक हरित और समृद्ध प्रदेश बनाना हमारा लक्ष्य है।”

सीएम ने आगे कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से हिमाचल प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में है। तापमान बढ़ने और मौसम में असामान्य बदलावों के कारण प्राकृतिक आपदाओं में इजाफा हुआ है। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक ठोस रोडमैप पर काम कर रही है।

सुक्खू ने इस दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि की घोषणा के बावजूद अब तक राज्य को यह धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को दिल्ली जाकर इस राहत फंड की रिहाई के लिए पहल करनी चाहिए, सरकार उनके साथ चलने को तैयार है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे जल्द ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। वे ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने के बाद राज्य पर लगे 1600 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज प्रतिबंध को हटाने की मांग करेंगे। इसके साथ ही, 2 प्रतिशत अतिरिक्त कर्ज छूट देने का भी अनुरोध करेंगे।

सुक्खू ने कहा कि GST क्षतिपूर्ति जून 2022 से बंद होने के कारण राज्य को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। पहले जहां प्रदेश को 3500 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं अब यह राशि घटकर सिर्फ 150 करोड़ रुपये रह गई है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके।

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