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मनाली पहुंचे केरल के MSW छात्र, गांव-गांव जाकर सीख रहे हैं हिमाचल में मुश्किल मौसम से जूझने के तरीके

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मनाली | हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी गांवों की जिंदगी को करीब से जानने के लिए केरल के श्री सबरीसा कॉलेज के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) के 22 छात्र और 4 शिक्षक इन दिनों मनाली दौरे पर हैं। यह दौरा 26 नवंबर से 1 दिसंबर तक चल रहा है, जिसमें छात्र हिमाचल के लोगों से मिलकर उनकी संस्कृति, जीवनशैली और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों को समझ रहे हैं।

हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को हर मौसम में अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता है—सर्दी में भारी बर्फबारी, बरसात में भूस्खलन और कभी-कभी अचानक आने वाली आपदाएँ भी। ऐसे में यहां के लोग अपने अनुभव और परंपरा के सहारे जीवन को सामान्य बनाए रखते हैं। छात्र इन्हीं बातों का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि कैसे ग्रामीण अपनी समझ और पुराने तरीकों से कठिनाइयों का सामना करते हैं।

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यह पूरी रिसर्च एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व जीजीश एम., वी.जी. हरीशकुमार, अश्वथी अनिल, अर्जुन के.सी., ओशीन मैग्डालिन पादुआ और शान जलील कर रहे हैं। टीम का मुख्य फोकस है—

आपदा आने से पहले तैयारी कैसे की जाती है

नुकसान कम करने के क्या तरीके अपनाए जाते हैं

कठिन मौसम में लोग कैसे हिम्मत नहीं हारते और जीवन चलाते रहते हैं

इस दौरे के दौरान छात्र गांवों के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से बातचीत कर रहे हैं। वे स्कूलों और स्थानीय संस्थानों में भी जाकर यह देख रहे हैं कि यहां शिक्षा और संस्कृति किस तरह आपस में जुड़ी है। उनकी कोशिश है कि जो भी जानकारियाँ मिलें, उन्हें एक बड़े मोनोग्राफ (रिसर्च डॉक्यूमेंट) के रूप में तैयार किया जाए, ताकि आगे यह जानकारी देश-विदेश में भी लोगों तक पहुँचे।

टीम की रहने और अन्य व्यवस्थाओं में हेवन हिल्स एडवेंचर की कैंप मैनेजर प्रियंका धवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके सहयोग से टीम का पूरा दौरा बेहद आसानी और अच्छे अनुभव के साथ आगे बढ़ रहा है।

अध्ययन के साथ छात्रों ने 28 नवंबर को मनाली के तिब्बती स्कूल में एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम भी किया। यहां हिमाचल और केरल की संस्कृति, नृत्य और कला के ज़रिये छात्रों ने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा। यह कार्यक्रम सभी के लिए यादगार अनुभव रहा।

आज 30 नवंबर को भी टीम अपने रिसर्च कार्य में जुटी हुई है और अलग-अलग गांवों में जाकर लोगों से बातचीत कर रही है। यह दौरा छात्रों को किताबों से हटकर असली जीवन से सीखने का शानदार अवसर दे रहा है।

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