हिमाचल में मानसून का कहर: मनालसु नाले ने रोका रास्ता
कुल्लू/02/09/2025
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन जाते-जाते भी प्रदेश पर जमकर कहर बरपा रहा है। 20 जून से मानसून की एंट्री के बाद से अब तक राज्य में 3158.04 करोड़ रुपये का भारी नुकसान दर्ज किया जा चुका है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड, बादल फटना और बाढ़ जैसी घटनाओं से कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
कुल्लू जिले में लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ गए हैं। ओल्ड मनाली के पास मनालसु नाले में अचानक तेज बहाव के कारण एक टेंपो ट्रैवलर बीच में फंस गई। राहत की बात यह रही कि वाहन समय रहते खाली करवा लिया गया। इस नाले पर ग्रामीणों ने हाल ही में अस्थाई रास्ता बनाया था, जिससे 9 गांवों का संपर्क जुड़ा था, लेकिन अब तेज बहाव में वह रास्ता भी बह गया है। नतीजतन, इन गांवों से पूरी तरह संपर्क कट गया है।
हिमाचल के उद्योगों पर भी असर का खतरा
लगातार हो रही तबाही से न सिर्फ आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी संकट में है। खासतौर पर हिमाचल प्रदेश का दवा निर्माण उद्योग (Pharmaceutical Industry), जो यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। परिवहन और सप्लाई चेन बाधित होने से दवा कंपनियों को कच्चा माल समय पर नहीं मिल पाएगा और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो दवा उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है।