हिमाचल में 1000 करोड़ का नया निवेश, बनेंगे राइफल व गाड़ियों के कलपुर्जे, फार्मा उद्योग को भी बढ़ावा
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। राज्य के नालागढ़, बद्दी, सिरमौर और कांगड़ा में देश-विदेश के नामी उद्योगपति निवेश करने के लिए तैयार हैं। यहां राइफल, गाड़ियों के कलपुर्जे, स्पोर्ट्स शूज और फार्मा उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
मोरपैन लैबोरेटरी, विंगस वायोटैक और डैजेट एंगल (आर) जैसी कंपनियों ने अपने उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया है। इन परियोजनाओं से लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1500 से 2000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 13 अक्तूबर को सिंगल विंडो बैठक होगी, जिसमें 38 नए उद्योगों के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। उद्योग विभाग ने निवेशकों को सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय पर देने का भरोसा दिया है।
हाल ही में हैदराबाद में हुई इन्वेस्टर मीट में भी उद्योगपतियों ने हिमाचल में निवेश में रुचि दिखाई थी। वहीं, विभाग के अधिकारी जापान दौरे पर हैं और विदेशी निवेश को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने की दिशा में काम कर रही है ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
निवेश प्रस्ताव देने वाली प्रमुख कंपनियां:
ज्यूपिटर सोलर – सोलर सेल उत्पादन
कैंपस एक्टिवेयर – स्पोर्ट्स शूज
जायडस – फार्मा उद्योग
एम ब्रॉस – गाड़ियों के स्पेयर पार्ट
मोरपैन – फार्मा
विंगस वायोटैक – दवाइयां
अंगस डुंडे – शराब उत्पादन
समर्थ लाइफ साइंसेज – दवाइयां