हिमाचल में पंचायती राज चुनावों की तैयारी तेज़ — 13 नवंबर तक प्रकाशित होंगी अंतिम मतदाता सूचियाँ
बिलासपुर/14/10/2025
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनावों की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और प्रकाशन की विस्तृत समयसारिणी जारी की है। सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार अधिसूचना संख्या 3834 दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के तहत जारी कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रारूप 6 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित किया जा चुका है।
दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की प्रक्रिया 8 अक्तूबर से 17 अक्तूबर 2025 तक जारी रहेगी। प्राप्त दावों और आपत्तियों पर पुनरीक्षण अधिकारी 27 अक्तूबर 2025 तक निर्णय लेंगे। वहीं, अपीलीय प्राधिकारी — जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) — के समक्ष अपीलें पुनरीक्षण अधिकारी के आदेश की तिथि से 7 दिनों के भीतर यानी 3 नवंबर 2025 तक की जा सकेंगी। इन अपीलों का निपटारा 10 नवंबर 2025 तक कर दिया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 13 नवंबर 2025 या उससे पहले किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पुनरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया है और उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूचियों का प्रारूप ग्राम सभा स्तर तक व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए। ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता अपने नाम की जांच कर सके और किसी भी त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों की आयु 1 अक्तूबर 2025 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के पात्र हैं। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए नागरिक निर्धारित फार्म संख्या 2, 3 और 4 भरकर संबंधित पुनरीक्षण अधिकारी या खंड विकास अधिकारी के समक्ष अपने दावे या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।
यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह स्वयं या अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकता है। साथ ही, आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कोई अधिकारी एक व्यक्ति से एक से अधिक फार्म एक साथ स्वीकार नहीं करेगा।
नागरिक अपने नाम की स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं — इसके लिए आयोग की वेबसाइट https://sechimachal.nic.in
तथा “Voter Saarthi” एंड्रॉइड एप्लिकेशन पर यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी जानकारी की जांच करें और यदि आवश्यक हो, तो नाम जोड़ने या संशोधन हेतु आवेदन अवश्य करें, ताकि आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में हर पात्र मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।