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हिमाचल के फार्मा हब पर ट्रंप टैरिफ का असर नहीं, जेनेरिक दवाइयों पर नहीं लगेगा टैरिफ

शिमला/30/09/2025

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शिमला: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1 अक्टूबर से ब्रांडेड दवाओं पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के ऐलान के बावजूद हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योग पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में बनने वाली लगभग 95 फीसदी दवाइयां जेनेरिक श्रेणी की होती हैं, जिनकी वैश्विक बाजार में लगातार मांग बनी रहती है।

हिमाचल प्रदेश दवा उत्पादक संघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया, "हिमाचल में 95 फीसदी दवाइयां जेनेरिक हैं और इन पर अभी कोई टैरिफ लागू नहीं किया गया है। ऐसे में ट्रंप टैरिफ का असर प्रदेश की दवा कंपनियों पर नहीं पड़ेगा।"

हिमाचल के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र को 'एशिया का फार्मा हब' कहा जाता है। यहां देश की कई बड़ी दवा कंपनियों के उत्पादन संयंत्र स्थित हैं। बीबीएन से हर साल करोड़ों की दवाइयां न केवल भारत के विभिन्न राज्यों में बल्कि विदेशों में भी भेजी जाती हैं। हिमाचल में बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाइयों का उत्पादन किया जाता है, जो सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली होती हैं।

जेनेरिक दवाइयां ब्रांडेड दवाओं का कम कीमत वाला वर्जन होती हैं। इसमें मूल रासायनिक फार्मूला वही रहता है, लेकिन ब्रांड नाम अलग होता है। हिमाचल में स्थापित लगभग 695 दवा यूनिट्स में अधिकांश में इसी तरह की दवाइयां बनाई जाती हैं।

अमेरिका का 100 फीसदी टैरिफ केवल ब्रांडेड या पेटेंट वाली दवाओं पर लागू होगा। यदि किसी कंपनी ने अमेरिका में खुद अपना प्लांट स्थापित कर लिया है और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, तो उस पर भी यह टैरिफ लागू नहीं होगा। ऐसे में हिमाचल के फार्मा हब के लिए यह निर्णय राहतभरा साबित हो रहा है।

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