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हिमाचल को बड़ी सौगात —पीएमजीएसवाई-4 में 294 नई सड़कों को मिली मंजूरी, 2271 करोड़ होंगे खर्च

शिमला/06/11/2025

VIKRM

शिमला: हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत 294 नई सड़कों को मंजूरी दे दी है। इन सड़कों के निर्माण पर 2271 करोड़ रुपये खर्च होंगे और राज्य को लगभग 1538 किलोमीटर नई सड़क सुविधा मिलेगी। यह जानकारी लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दी।

मंत्री के अनुसार, इस चरण में केवल नई सड़कें ही नहीं बनेंगी, बल्कि PMGSY-I में बनी पुरानी सड़कों का उन्नयन भी किया जाएगा, ताकि उन मार्गों को नवीन तकनीक और बेहतर गुणवत्ता के साथ परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सड़क निर्माण बड़ी चुनौती है, इसलिए जहां निजी भूमि से सड़क गुजरनी है, वहां लोगों को अपनी भूमि गिफ्ट डीड के रूप में विभाग के नाम करने की अपील की है, ताकि सड़क निर्माण समय पर पूरा हो सके और विकास कार्य अटके नहीं।

विक्रमादित्य सिंह ने स्वीकार किया कि प्रदेश में टायरिंग कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इस पर सचिव स्तर की जांच समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही साबित होने पर संबंधित अधिकारियों या ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य के सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है। हिमाचल को लगभग 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और भरमौर, ओट, लुहरी, सेंज जैसे इलाकों की कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। केंद्र सरकार से 1500 करोड़ रुपये की सहायता अब भी लंबित है, फिर भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से बहाली कार्य तेज गति से कर रही है। वर्तमान में 50 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें जल्द खोलने का लक्ष्य है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ देव परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं का सम्मान किया जाएगा। ठेकेदारों के लंबित बिलों पर उन्होंने कहा कि कुछ भुगतान जारी किए जा चुके हैं और ट्रेजरी से संबंधित तकनीकी कारणों के चलते शेष भुगतान भी जल्द हो जाएंगे। साथ ही चेतावनी दी कि सड़क निर्माण के दौरान अवैध मलबा डंपिंग करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी।

इस स्वीकृति के साथ ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को आवागमन, आपदा प्रबंधन और आर्थिक गतिविधियों में बड़ी सुविधा मिलेगी।

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