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आठ साल बाद मिली उम्मीद टूटी: हिमाचल पुलिस की पदोन्नति परीक्षा फिर रद्द

शिमला/27/10/2025

RADH

शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में पदोन्नति परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है। कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल और एएसआई (सहायक उप निरीक्षक) के पदों पर पदोन्नति के लिए ली जाने वाली बी-एक परीक्षा रविवार को तकनीकी खराबी के चलते रद्द करनी पड़ी। परीक्षा के दौरान सर्वर बार-बार फेल होने और कंप्यूटर हैंग हो जाने से उम्मीदवारों में हड़कंप मच गया। आठ साल बाद हो रही यह परीक्षा तीसरी बार रद्द हुई है, जिससे पुलिस कर्मियों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।

राज्य के सभी जिलों में इस परीक्षा के लिए केंद्र बनाए गए थे, जिसमें कुल 4,461 पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया। सुबह के सत्र में 2,696 और शाम के सत्र में 1,765 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। हालांकि, जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, कुछ ही मिनटों बाद सर्वर क्रैश हो गया। कई केंद्रों पर उम्मीदवार टेस्ट पूरा नहीं कर पाए और सिस्टम पर “सबमिट फेल” का संदेश दिखाई दिया। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो गई।

पुलिस विभाग ने परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (HPSEDC) को सौंपी थी। आठ साल बाद यह परीक्षा आयोजित की जा रही थी, जिससे हजारों पुलिस कर्मियों को पदोन्नति की उम्मीद जगी थी।

बताया जा रहा है कि यह परीक्षा पहले 21 सितंबर को आयोजित की जानी थी, लेकिन उस समय भारी बारिश और बाढ़ के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब जब दोबारा परीक्षा हुई, तो तकनीकी खामी ने सारा प्रयास विफल कर दिया।

पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने परीक्षा से पहले सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा प्रभारी नियुक्त किया था और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी उम्मीदवार समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। यहां तक कि शनिवार को भी पुलिस मुख्यालय की ओर से परीक्षार्थियों को दिशानिर्देश जारी किए गए थे।

अब विभाग को परीक्षा की नई तारीख तय करनी होगी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग इस बार परीक्षा के लिए सर्वर और तकनीकी प्रणाली को और मजबूत करने पर विचार कर रहा है, ताकि अगली बार परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

इस लगातार देरी से विभागीय पदोन्नति की राह देख रहे हजारों पुलिस कर्मियों में गुस्सा और निराशा दोनों देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि “आठ साल बाद मौका मिला था, लेकिन बार-बार की तकनीकी विफलता ने मेहनत पर पानी फेर दिया।

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