हिमाचल प्रदेश में 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल ,सेवाएं ठप – सरकार को सौंपा 12 सूत्रीय मांग पत्र
शिमला/03/10/2025
हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन से जुड़ी सीटू ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी 24 घंटे की हड़ताल की। इस दौरान प्रदेशभर में एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन लागू करने, श्रम कानूनों और न्यायालयों के आदेशों को लागू करने तथा कर्मचारियों की प्रताड़ना बंद करने जैसी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
शिमला में यूनियन ने नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। यूनियन ने प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस पर उन्होंने जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं की गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा और इससे भी बड़ी हड़ताल की जाएगी।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, उपाध्यक्ष जगत राम, जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा, कोषाध्यक्ष बालक राम, जिला सचिव विवेक कश्यप और यूनियन महासचिव बालक राम ने प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मेडस्वेन फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे सैकड़ों पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्हें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा और 12 घंटे ड्यूटी कराने के बावजूद ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता।
नेताओं ने आरोप लगाया कि कोर्ट और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों को उनके अधिकार नहीं मिल रहे। यूनियन नेताओं को प्रताड़ित कर तबादले किए जाते हैं, छुट्टियां और ईपीएफ-ईएसआई के लाभ सही ढंग से लागू नहीं किए जाते। कर्मचारियों का वेतन भी मनमाने ढंग से काटा जाता है।
यूनियन ने मांग की कि न्यूनतम वेतन, डबल ओवरटाइम, छुट्टियों का प्रावधान, ईपीएफ-ईएसआई की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए और जीवीके ईएमआरआई के समय से लंबित एरियर, ग्रेच्युटी व छंटनी भत्ते का भुगतान कर्मचारियों को मिले। साथ ही, प्रताड़ना और तबादलों को रोककर कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मिले अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह आंदोलन हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर डाल रहा है और यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।