1949 के बाद अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश, कई जिलों में रेड अलर्ट – 320 लोगों की मौत, हजारों प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में इस बार अगस्त महीना बारिश के लिहाज़ से ऐतिहासिक साबित हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2023 में 431.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 68% अधिक है। यह 1949 के बाद से अगस्त में हुई सबसे ज्यादा वर्षा है। इससे पहले 1927 में 542.4 मिमी बारिश हुई थी।
इस दौरान जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 816.2 मिमी और लाहौल-स्पीति में सबसे कम 129.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश के अधिकांश जिलों — बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और ऊना — में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई।
अलर्ट और मौसम का हाल
मौसम विभाग ने 7 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
1 सितंबर: ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर में रेड अलर्ट।
2 सितंबर: कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में रेड अलर्ट।
अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। खराब मौसम को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में शैक्षणिक संस्थान बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
तबाही का मंजर
मानसून सीजन (20 जून से 31 अगस्त) के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में अब तक 320 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 379 लोग घायल और 40 लोग लापता हैं।
संपत्ति का नुकसान: ₹3,05,684.33 लाख रुपये।
क्षतिग्रस्त मकान-दुकानें: 4,569।
गोशालाएं: 3,710 क्षतिग्रस्त।
पशुधन की मौत: 1,885।
बीते 24 घंटों में नंगल बांध, रायपुर मैदान, नयना देवी, सोलन, नाहन और शिमला समेत कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, बारिश ने 76 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे प्रदेश में तबाही मचाई है और आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।