हिमाचल में रैबीज़ मुक्त मिशन को बढ़ावा, शिमला में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
शिमला/26/08/2025
हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग की ओर से राज्य पशु चिकित्सालय, शिमला में रैबीज़ निदान के लिए ब्रेन सैंपल संग्रहण पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ. संजीव धीमान मुख्य अतिथि और डॉ. नीरज मोहन, उप निदेशक (पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन), शिमला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 10 से अधिक पशु चिकित्सकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल कुमार शर्मा (जिला नोडल अधिकारी, रैबीज़ सर्विलांस, शिमला) ने किया जबकि तकनीकी सत्र डॉ. अनुज बाली ने लिए। उप निदेशक, एनिमल हेल्थ/ब्रीडिंग, शिमला-5 ने भी इस अवसर पर भाग लिया और कहा कि “शिमला की यह पहल पूरे प्रदेश और देश के लिए एक मिसाल साबित होगी।”
डॉ. धीमान का संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजीव धीमान ने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों और प्रयोगशालाओं में नियमित रूप से होने चाहिए ताकि फील्ड स्तर पर क्षमता निर्माण को मजबूती मिल सके। उन्होंने चल रहे ‘रैबीज़ मुक्त शिमला’ सामूहिक कुत्ता टीकाकरण अभियान की भी सराहना की, जिसे ह्यूमेन पीपल एनजीओ (रामपुर), मिशन रैबीज़ इंडिया, नगर निगम शिमला एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं डॉ. अनिल कुमार शर्मा के समन्वय में चला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस सफल मॉडल को शीघ्र ही पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।
चिकित्सकों की भूमिका अहम
इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि रैबीज़ के निदान एवं नियंत्रण में पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बताते हुए कहा कि इसके खात्मे के लिए सामूहिक एवं निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
"रैबीज़ को जड़ से खत्म करना होगा"
विशेष अतिथि डॉ. नीरज मोहन ने कहा कि हमें कठोर प्रयास करते हुए रैबीज़ पर नियंत्रण पाना होगा और जल्द से जल्द इसे जड़ से समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
यह जानकारी हिमाचल प्रदेश पशु चिकित्सा अधिकारी संघ के महासचिव डॉ. मधुर गुप्ता ने मीडिया को उपलब्ध करवाई।