धारा 118 में बदलाव की तैयारी से बवाल: “हिमाचल की जमीन बेचने की साजिश”, बोले पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर
धर्मशाला/29/10/2025
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में भूमि स्वामित्व से जुड़ी सबसे अहम धारा 118 पर संभावित संशोधन को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार धारा 118 के “सरलीकरण” के नाम पर हिमाचल की जमीन को बाहरी पूंजीपतियों के हवाले करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे “हिमाचल की अस्मिता से विश्वासघात” करार दिया।
बिक्रम ठाकुर का सरकार पर बड़ा हमला
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि धारा 118 सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि हिमाचल की पहचान, संस्कृति और भू-स्वाभिमान की सुरक्षा कवच है। इसे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने लागू किया था ताकि बाहरी लोग कृषि भूमि पर कब्जा न कर सकें और प्रदेश की पारिस्थितिकी, जनसंख्या और परंपराएं सुरक्षित रहें।
उन्होंने आरोप लगाया:
“सरलीकरण नहीं, यह हिमाचल की जमीन बेचने का रास्ता है। Ease of Doing Business नहीं, यह Ease of Selling Himachal है।”
“माफिया और पूंजीपतियों को खुश करने की कोशिश” — भाजपा
ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां प्रदेशहित नहीं, बल्कि कुछ खास उद्योगपतियों और माफिया समूहों को फायदा पहुंचाने के लिए हैं। पहले धार्मिक संस्थाओं को भूमि खरीद में ढील दी गई और अब निवेश के नाम पर मूल भूमि कानून को कमजोर किया जा रहा है।
उनका कहना है कि एक बार यह दरवाजा खुला, तो:
जमीन बाहरी कब्जे में जाएगी,
किसान और स्थानीय लोग जमीन से वंचित हो जाएंगे,
हिमाचल के लोग अपने ही प्रदेश में मालिक नहीं, मजदूर बन जाएंगे।
“धारा 118 हिमाचल की सुरक्षा दीवार है”
बिक्रम ठाकुर ने कहा:
“यह सिर्फ कागज़ का कानून नहीं, हिमाचल के स्वाभिमान की दीवार है। इसे गिरने नहीं देंगे।”
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि धारा 118 में छेड़छाड़ की कोशिश हुई, तो भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी और जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।
निवेश का समर्थन, लेकिन जमीन की कीमत पर नहीं
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा निवेश के खिलाफ नहीं है, लेकिन निवेश की आड़ में प्रदेश की जमीन बेचने की नीति स्वीकार नहीं की जा सकती।
“विकास तब होगा जब हिमाचल का मालिक हिमाचली रहेगा। जमीन बिकेगी तो भविष्य भी बिक जाएगा।”भाजपा ने जनता से की अपील
भाजपा नेता ने प्रदेश की जनता से कांग्रेस के निर्णय को समझने और इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
“हिमाचल की जमीन हिमाचलियों की है और हमेशा रहेगी।”