हिमाचल में सियासी घमासान तेज — सुक्खू सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले बीजेपी का बड़ा हमला
4 दिसंबर को धर्मशाला में शक्ति प्रदर्शन का ऐलान
शिमला/19/11/2025
हिमाचल प्रदेश की सियासत इन दिनों चरम पर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार 11 दिसंबर को तीन साल पूरे करने जा रही है और इस मौके पर मंडी में भव्य समारोह की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन जश्न से पहले ही भाजपा ने सरकार पर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखे प्रहार किए और 4 दिसंबर को धर्मशाला में विशाल प्रदर्शन का एलान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम ठाकुर ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर तंज कसते हुए बिहार के नतीजों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “बिहार में कांग्रेस एक बोलेरो में फिट हो गई है और हिमाचल में उसे ऑल्टो में फिट करेंगे, क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू को ऑल्टो पसंद है।” जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार तीन साल का जश्न मना रही है, जबकि प्रदेश में डिज़ास्टर एक्ट लागू है, पंचायत चुनाव लंबित पड़े हैं और सरकारी खजाना खाली होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि ट्रेज़री की हालत यह है कि 10 हजार रुपये से अधिक की निकासी पर रोक लगाई जा रही है, कर्मचारी वेतन और पेंशन को लेकर परेशान हैं और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरकार के तीन साल को हिमाचल के लिए “सबसे बुरे तीन साल” बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में बेरोजगारी को बढ़ाया, अर्थव्यवस्था को संकट में डाला, झूठे वादों से जनता को गुमराह किया और कानून-व्यवस्था को चरमरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का कामकाज “कर्ज और मर्ज के तीन साल” जैसा रहा है। साथ ही पंचायत चुनावों के समय पर न होने को लेकर भी सरकार को आड़े हाथ लिया। बिंदल ने कहा कि भाजपा 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में बड़ी रैली कर सरकार के “जनविरोधी” निर्णयों के खिलाफ आवाज उठाएगी।
चंबा के विधायक और बिंदल के भाई से जुड़े आरोपों पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है और कानून अपना काम कर रहा है, इसलिए फिलहाल टिप्पणी करना उचित नहीं। इस बीच भाजपा नेताओं का दावा है कि स्वयं कांग्रेस के नेता भी सरकार की “उपलब्धियों” को लेकर कुछ ठोस नहीं बता पा रहे हैं।
सुक्खू सरकार के तीन साल पूरे होने से ठीक पहले बढ़ती राजनीतिक बयानबाज़ी ने हिमाचल की राजनीति में नया ताप ला दिया है। अब सभी की नजरें 4 दिसंबर को भाजपा के धर्मशाला प्रदर्शन और 11 दिसंबर को कांग्रेस के जश्न पर टिकी हैं।