हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा: होम-स्टे और स्टार्ट-अप्स के लिए नई योजना, 5% तक ब्याज सब्सिडी
शिमला /18/09/2025
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन को नई दिशा देने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आतिथ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत नई पर्यटन इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा होम-स्टे को विस्तार देने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें ऋण पर शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी मिलेगी। यह सुविधा अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर और तीन वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध होगी। योजना का लाभ केवल बोनाफाइड हिमाचलियों को दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि होम-स्टे महंगे होटलों के मुकाबले पर्यटकों के लिए एक किफायती विकल्प हैं। ये न सिर्फ पर्यटकों को स्थानीय परंपराओं, व्यंजनों और संस्कृति से जोड़ते हैं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक ठहरने के लिए भी प्रेरित करते हैं। योजना से स्थानीय लोगों को सीधा आर्थिक लाभ और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि होम-स्टे उद्योग को औपचारिक रूप देने, स्टार्ट-अप्स के माध्यम से गुणवत्ता मानकों को सुधारने और निजी उद्यमियों को पर्यटन अवसंरचना विकसित करने के लिए भी प्रेरित करेगी। हिमाचल प्रदेश का पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र पहले से ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (इकोनॉमिक सर्वे 2024-25) में 7.78 प्रतिशत योगदान दे रहा है और यह नई योजना इसे और मजबूत करेगी।
सरकार का मानना है कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ पर्यावरण, नदियां, जंगल, धार्मिक स्थल और सुरम्य घाटियां हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करती रही हैं। नई योजना के जरिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सतत पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।