HRTC पेंशनरों को समय पर पेंशन दिलाने की याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
शिमला/27/09/2025
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी पेंशनर्स को हर माह की पहली तारीख को पेंशन देने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की और राज्य सरकार एवं एचआरटीसी प्रबंधन को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप शर्मा ने अशोक पुरोहित और अन्य द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने अपने पक्ष में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 83 का हवाला दिया, जिसे 2021 में संशोधित किया गया। इस नियम के अनुसार पेंशन हर माह के पहले कार्य दिवस को जारी करना अनिवार्य है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया कि एचआरटीसी को सरकारी पेंशनरों के लिए लागू नियमों के अनुरूप समय पर पेंशन भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने यह भी बताया कि 13 सितंबर 1995 को राज्य सरकार ने रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन अधिनियम, 1950 की धारा 34 के तहत एचआरटीसी कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना लागू की थी, जो सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के अनुरूप है। इस योजना के तहत 6 अक्टूबर 1995 को अधिसूचना जारी कर एचआरटीसी को पेंशन वितरण हेतु अलग पेंशन कोष बनाने और निगम के वित्त सह-मुख्य लेखा अधिकारी को पेंशन भुगतान के लिए उत्तरदायी अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए थे।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार पेंशन वितरण में देरी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसी देरी पर संबंधित विभाग को ब्याज सहित भुगतान करने का दायित्व हो सकता है। हाईकोर्ट ने मामले में एचआरटीसी को 13 नवंबर से पहले जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।