हिमाचल में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 566 सड़कें बंद और भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश में चार जिलों – बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर – में भारी बारिश की ‘येलो’ चेतावनी जारी की गई है। राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 566 सड़कें बंद हो गई हैं। बृहस्पतिवार को मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू जिले के मनाली उपमंडल में सोलंग और पलचान के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। सांसद को मनाली के भाजपा नेता और पूर्व विधायक गोविंद सिंह ठाकुर ने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और अन्य समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खतरे में पड़े 15-16 घरों के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि सोलंग गांव पर भूस्खलन का गंभीर खतरा है, क्योंकि व्यास नदी उस पहाड़ को काट रही है जिस पर यह गांव बसा है। उन्होंने सुझाव दिया कि नदी के प्रवाह को मोड़कर सुरक्षित मार्ग बनाया जाए। मौसम विभाग ने शिमला, कांगड़ा, पालमपुर, मुरारी देवी और सुंदरनगर में गरज के साथ बारिश होने की सूचना दी, जबकि ताबो और बजौरा में 33 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
बृहस्पतिवार सुबह एनएच-3 (अटारी-लेह मार्ग) और एनएच-503ए (अमृतसर-भोटा मार्ग) समेत कुल 566 सड़कें बंद कर दी गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार मंडी में सबसे ज्यादा 203 सड़कें बंद हैं, कुल्लू में 156 और शिमला में 50 सड़कें प्रभावित हैं।
इस साल मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की 46 घटनाएं, अचानक बाढ़ की 98 घटनाएं और बड़े भूस्खलन की 145 घटनाएं हो चुकी हैं। इन प्राकृतिक आपदाओं में 419 लोग घायल हुए, 419 लोगों की मौत हुई, जिनमें 237 वर्षाजनित घटनाओं और 182 सड़क दुर्घटनाओं में हुई। इसके अलावा 45 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं, वहीं लोगों को भारी बारिश और भूस्खलन से सावधान रहने की सलाह दी गई है।