भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी पनडुब्बी रोधी पोत आईएनएस मगदाला
कोचीन/19/10/2025
कोचीन: भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करते हुए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध पोत आईएनएस मगदाला का जलावतरण किया गया। यह पोत नौसेना की क्षमता, इंजीनियरिंग दक्षता और आत्मनिर्भर भारत पहल में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक और वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन सहित नौसेना और CSL के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईएनएस मगदाला को ASW शैलो वाटर क्राफ्ट (SWC) श्रेणी में शामिल किया गया है। ये पोत पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता, पानी के भीतर क्षेत्रीय जागरूकता और बारूदी सुरंग बिछाने में सक्षम हैं। तीन डीजल इंजन से संचालित जल जेट प्रणालियों से युक्त पोत में हल-माउंटेड सोनार, लो फ्रीक्वेंसी वेरिएबल डेप्थ सोनार (LFVDS), टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट, NSG-30 गन और 12.7 मिमी स्टेबलाइज्ड रिमोट-कंट्रोल गन जैसे अत्याधुनिक हथियार और सेंसर लगे हैं।
80% से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ निर्मित यह पोत हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की रक्षा को मजबूत करेगा। पोत के निर्माण ने न केवल नौसेना की क्षमता बढ़ाई है, बल्कि भारतीय विनिर्माण इकाइयों को रोजगार और तकनीकी विकास का अवसर भी प्रदान किया है। रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल 2019 में CSL को आठ ASW SWC जहाजों के निर्माण का ठेका दिया था, जिनमें आईएनएस मगदाला पहला है।
आईएनएस मगदाला की तैनाती न केवल समुद्री निगरानी और हमलावर क्षमताओं में वृद्धि करेगी, बल्कि भारतीय नौसेना को चीन सागर और हिंद महासागर तक अपनी प्रभुसत्ता कायम रखने में मददगार साबित होगी। यह पोत स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत मिशन का प्रतीक भी है।