अमित शाह के बयान पर राजनीतिक विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल
नई दिल्ली/12/10/2025
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। शाह ने कहा था कि देश में मुस्लिम आबादी में वृद्धि का मुख्य कारण घुसपैठ है, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश से हुई। उनका दावा था कि 1951 से 2011 तक जनगणना में मुस्लिम आबादी 24.6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि हिंदू आबादी में 4.5 प्रतिशत की कमी हुई। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतर प्रजनन के कारण नहीं, बल्कि घुसपैठ के कारण है।
इस बयान के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि यह टिप्पणी पूरी तरह से राजनीतिक आधार पर दी गई है और इसका मकसद आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 11 सालों से सत्ता में है, तो फिर यह दोष कांग्रेस पर क्यों डाला जा रहा है।
खेड़ा ने शाह द्वारा अपनी पोस्ट हटाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री मुसलमानों को चुनावी टारगेट बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं हुआ और उन्हें पोस्ट हटानी पड़ी। कांग्रेस ने यह भी कहा कि 2005-13 के बीच उनके कार्यकाल में 88,792 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जबकि भाजपा ने पिछले 11 वर्षों में केवल 10,000 से कम लोगों को डिपोर्ट किया।
इस बयान को लेकर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी गृह मंत्री की आलोचना की और कहा कि यह वक्तव्य तथ्यात्मक रूप से गलत और समाज में विभाजन पैदा करने वाला है।
अमित शाह ने अपनी सफाई में कहा कि उनके ट्वीट में केवल टाइपिंग की गलती हुई थी, जिसे बाद में सही कर दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार घुसपैठियों की पहचान, हटाने और डिपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत किसी धर्मशाला की तरह नहीं है।
यह बयान और उसकी प्रतिक्रिया देश में फिर से एक बड़े बहस के केंद्र में आ गया है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।