थरूर का ट्रंप और नवारो पर हमला: भारत पर आपत्तिजनक टिप्पणी को बताया अस्वीकार्य
नई दिल्ली/23/09/2025
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो द्वारा भारत को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पिछले तीन दशकों में रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं और ऐसे समय में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य है।
थरूर ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने का मामला पहले से ही अनुचित है, और इसके साथ ही ट्रंप के बयानों व ट्वीट से भारत का अपमान हुआ है। उन्होंने बताया कि नवारो के बयानों ने भारत में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है और इसे किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता।
कांग्रेस सांसद ने जोर देकर कहा कि ट्रंप टैरिफ को अपनी राजनीतिक समस्याओं का जादुई समाधान मानते हैं। उनका मकसद अमेरिकी निर्माताओं और मजदूरों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे घरेलू उत्पादन बढ़ाएं और इसे चुनावी फायदे में बदल सकें। थरूर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति आयातित वस्तुओं पर शुल्क लगाकर उन्हें महंगा बनाना चाहते हैं ताकि अमेरिकी कंपनियां देश में उत्पादन करें और वहां के मजदूरों को नौकरी मिले।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत से आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को उचित ठहराया। नवारो ने जाति-आधारित टिप्पणी करते हुए भारतीय ब्राह्मणों पर “लोगों की कीमत पर मुनाफाखोरी” करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत को “क्रेमलिन का धोबीघर” बताया और नई दिल्ली पर व्यापार असंतुलन व भू-राजनीतिक गठबंधनों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रूस और चीन के साथ भारत का जुड़ाव उसकी स्थिति को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में कमजोर करता है।
थरूर ने इन बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में ऐसी टिप्पणियां न केवल असंवेदनशील हैं बल्कि द्विपक्षीय रिश्तों की गंभीरता को भी ठेस पहुँचाती हैं।