दिवाली से पहले दिल्ली की हवा बनी जहर, AQI 384 पार; सर्दी की आहट के साथ बढ़ा प्रदूषण, कई इलाकों में छाई धुंध
नई दिल्ली/18/10/2025
नई दिल्ली: जैसे-जैसे दिवाली करीब आ रही है, दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। मौसम में हल्की ठंडक जरूर महसूस हो रही है, लेकिन इसके साथ ही प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुबह के वक्त शहर घने धुंध (स्मॉग) की चादर में लिपटा नजर आ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 254 दर्ज किया गया, जो ‘Poor’ श्रेणी में है। लेकिन कुछ हिस्सों में हालात इससे कहीं ज्यादा खराब हैं —
आनंद विहार: 384
वजीरपुर: 368
बवाना: 307
जहांगीरपुरी: 307
सिरी फोर्ट: 303
इन क्षेत्रों में हवा की स्थिति ‘Very Poor’ से भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। वहीं, एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण का असर कम नहीं — फरीदाबाद (158), गुरुग्राम (165), नोएडा (145), ग्रेटर नोएडा (157) और गाजियाबाद (142) में भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली का मौसम: धूप के बीच धुंध और ठंड की दस्तक
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का मौसम शुष्क रहेगा। अधिकतम तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 18-21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
मौसम विभाग का कहना है कि 19 से 21 अक्टूबर के बीच सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता घटेगी। 22-23 अक्टूबर को भी मौसम सूखा रहेगा, लेकिन प्रदूषण के स्तर में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है।
लगातार चौथा दिन खराब हवा
CPCB की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली की हवा लगातार चौथे दिन खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की कम गति, पराली जलाने की घटनाएं और सर्दी की शुरुआत ने प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना दिया है। धूल और धुएं के कण अब वातावरण में स्थिर हो गए हैं, जिससे सांस लेना कठिन हो गया है।
सेहत पर बढ़ता खतरा
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि हवा की यह स्थिति दिल और फेफड़ों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। प्रदूषण से आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सांस फूलने जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिवाली से पहले बिगड़ सकते हैं हालात
IMD और पर्यावरण विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर हवा की गति में सुधार नहीं हुआ और दिवाली पर पटाखे छोड़े गए, तो प्रदूषण का स्तर ‘Severe’ श्रेणी तक पहुंच सकता है। दिल्ली सरकार ने पहले ही नागरिकों से अपील की है कि वे ग्रीन क्रैकर्स का उपयोग करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें।