हिमाचल में फिर बदला मौसम का मिजाज: शिमला, कुल्लू और मंडी में बारिश-ओलों की बौछार, 27 अक्टूबर से बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कुदरत ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया और शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में बारिश के साथ-साथ ओलों की जोरदार बौछार देखने को मिली। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी ने लोगों को सर्दियों के आगमन का अहसास करा दिया। हालांकि शुक्रवार को प्रदेश में आसमान साफ और धूप खिली रही, लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27 अक्टूबर से फिर से बर्फबारी और बारिश का दौर लौट सकता है।
गुरुवार को अचानक हुई तेज बारिश से कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के जच्छणी और छन्नीखोड़ क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई। पहाड़ों से मलबा और पानी सड़क पर उतर आया, जिससे वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही। वहीं, गड़सा घाटी में भारी ओलावृष्टि से किसानों को तगड़ा नुकसान हुआ है। टमाटर, मिर्च, करेला और अन्य सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं।
इसी तरह मंडी जिले के सरकाघाट और धर्मपुर में भी दोपहर के समय जोरदार बारिश और ओले गिरे, जिससे बाजारों और गलियों में फिसलन बढ़ गई। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूट गईं और बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए बाधित रही।
मौसम विभाग शिमला द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 27 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि 24 से 26 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
विभाग ने पहले ही कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था, जिसमें कुछ ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और निम्न इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई थी। शिमला में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौनी चलती रही, जिससे ठंडक का असर और बढ़ गया।
बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल्लू के जोत क्षेत्र में 6 मिलीमीटर, कोठी में 3 मिलीमीटर और कसोल में 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं शिमला में भी कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ीं।
लाहौल-स्पीति जिला का कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत ऊना में तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और यह राज्य का सबसे गर्म स्थान बना रहा। शिमला में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में हवा में नमी बढ़ने और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की शुरुआत होने की पूरी संभावना है। हालांकि अभी के लिए मौसम विभाग ने किसी भी तरह की रेड या ऑरेंज चेतावनी जारी नहीं की है।
प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक बदलते मौसम के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की संख्या बढ़ रही है, खासकर कुल्लू-मनाली और शिमला में, जहां बारिश और बर्फ की हल्की परत ने मौसम को और खुशनुमा बना दिया है।
स्थानीय किसानों ने हालांकि ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर चिंता जताई है। कृषि विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान का जायजा ले रही हैं।