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एचपीयू में परीक्षा घोटाले को लेकर एसएफआई का धरना प्रदर्शन, छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल

शिमला/13/10/2025

pradaeshn

शिमला | हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में परीक्षाओं में धांधली और ईआरपी प्रणाली की खामियों के खिलाफ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रक्रिया को पैसा कमाने का माध्यम बना लिया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कैंपस सचिव मुकेश और कैंपस अध्यक्ष योगी ने किया।

धरने के दौरान छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक का प्रतीकात्मक पुतला बनाकर पैसों की माला पहनाई और नारे लगाए कि “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो”। एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय ने ईआरपी प्रणाली लागू करने का दावा किया था कि इससे परिणाम जल्दी आएंगे, लेकिन वास्तविकता में यह महंगी और त्रुटिपूर्ण साबित हुई है।

कैंपस सचिव मुकेश ने बताया कि पहले ऑफलाइन मूल्यांकन में एक उत्तरपुस्तिका की जांच पर लगभग ₹25-30 खर्च होता था, जबकि अब ऑनलाइन प्रणाली में ₹80 प्रति उत्तरपुस्तिका खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा, इस प्रणाली के कारण कई छात्रों के परिणामों में गड़बड़ी और अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उदाहरण के तौर पर, ऊना कॉलेज में एक ही छात्र की दो उत्तरपुस्तिकाएं निकलीं, और 12 जून को घोषित यूजी परिणाम में कई छात्रों को बाद में “अनुपस्थित” दिखाया गया।

एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय जानबूझकर छात्रों को 4-5 अंकों से फेल कर रहा है ताकि वे पुनः मूल्यांकन (री-एवल्यूएशन) के लिए आवेदन करें। संगठन ने कहा कि री-एवल्यूएशन के बाद लगभग 90% छात्र पास हो जाते हैं, जो इस प्रणाली में हेरफेर और आर्थिक शोषण का सबूत है। मुकेश ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो एसएफआई बड़ा छात्र आंदोलन और हड़ताल करेगी।

इसके अलावा एसएफआई ने विश्वविद्यालय की गैर-शिक्षक कर्मचारियों की लंबित भर्ती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 2019 और 2021 में जारी विज्ञापनों के बावजूद भर्ती नहीं हुई और छात्रों से लगभग ₹4.50 करोड़ की अनियमित वसूली हुई। संगठन ने मांग की कि इस भर्ती को तुरंत पूरा किया जाए और छात्रों के अधिकारों की रक्षा हो।

एसएफआई का कहना है कि एचपीयू में लागू ईआरपी प्रणाली छात्रों के हित में नहीं है और इसे हटाया जाना चाहिए। मुकेश ने स्पष्ट किया कि अगर विश्वविद्यालय ने इन मुद्दों पर संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले समय में छात्र संगठन बड़े आंदोलन के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाबदेह ठहराएगा।

धरने में विश्वविद्यालय के कैंपस स्टाफ, छात्रों और एसएफआई सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रदर्शन में छात्रों ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह के समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग पर अडिग रहेंगे

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