आईजीएमसी में जिंदगी से जूझ रहा 17 वर्षीय कृष — इलाज के लिए 15 लाख रुपये की जरूरत, आयुष्मान कार्ड न चलने से बढ़ी परेशानी
शिमला/17/11/2025
शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में पिछले दो महीनों से भर्ती 17 वर्षीय कृष की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। ननखड़ी (रामपुर) का रहने वाला कृष बीपीएल परिवार से है और गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर है कि अब तक उसे 42 बार प्लाज़्मा चढ़ाया जा चुका है। लगातार बढ़ते इलाज के खर्च ने परिवार को पूरी तरह आर्थिक संकट में धकेल दिया है। उपचार जारी रखने के लिए 15 से 18 लाख रुपये की जरूरत है, जो परिवार के बस से बाहर है।
सेवा भारती शिमला को यह मामला श्री महेंद्र जी और हिमाचल शिक्षा समिति के संगठन मंत्री श्री ज्ञान जी के माध्यम से मिला। संस्था ने अब तक मरीज के लिए 4–5 यूनिट रक्त की व्यवस्था, अस्पताल समन्वय, परिवार की आर्थिक स्थिति का सत्यापन और जरूरी दवाओं में मदद प्रदान की है।
सबसे बड़ी समस्या तब सामने आई जब पता चला कि आयुष्मान कार्ड अस्पताल में सक्रिय नहीं है, जिसके कारण उपचार का पूरा खर्च परिवार को खुद उठाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में परिवार बिल्कुल असहाय है।
सेवा भारती शिमला ने समाज से इस कठिन समय में मदद का आग्रह किया है। संस्था के सचिव के अनुसार—
“कृष गरीब परिवार का सहारा है। महंगा इलाज उसके माता-पिता के बस से बाहर है। हम समाज के हर व्यक्ति से विनती करते हैं कि इस बच्चे की जान बचाने में सहयोग करें।”
इच्छुक लोग सीधे सेवा भारती शिमला के खाते में दान राशि भेज सकते हैं—
खाता संख्या: 31531158928
IFSC: SBIN0004054
बैंक: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
दान भेजने के बाद स्क्रीनशॉट संस्था के सचिव के नंबर 9418573639 पर भेजने का अनुरोध किया गया है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त राशि को चेक के माध्यम से सीधे परिवार को सौंपा जाएगा, ताकि पारदर्शिता पूरी बनी रहे।
सेवा भारती ने अपील करते हुए कहा—
“एक मां के आंसू पोंछने, एक पिता को सहारा देने और एक 17 साल के बेटे की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं। मानवता के इस कार्य में सभी आगे आएं।”