जापान के निक्केई शेयर 47,710.09 के पार, साने ताकाइची के नेतृत्व में बाजारों में जोरदार तेजी
न्यूयॉर्क/06/10/2025
सोमवार को जापान के शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। टोक्यो का प्रमुख निक्केई 225 इंडेक्स 4.3% बढ़कर 47,710.09 अंक पर पहुंच गया। इस अप्रत्याशित उछाल के पीछे सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नए नेतृत्व और अमेरिकी नीतियों से जुड़े संकेत प्रमुख कारण रहे।
एलडीपी ने 64 वर्षीय साने ताकाइची को अपना नया नेता चुना है। ताकाइची शिंजो आबे की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं और उनकी राजनीतिक विचारधारा आबे की अल्ट्रा-रूढ़िवादी सोच के अनुरूप है। विशेषज्ञों का मानना है कि एलडीपी के पास निचले सदन में सबसे अधिक सीटें हैं, जिससे ताकाइची का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि जापान की आर्थिक नीतियाँ निवेश और बाजार-हितैषी दिशा में आगे बढ़ेंगी।
हालांकि, ताकाइची के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्हें घटती आबादी, बढ़ता सार्वजनिक कर्ज और आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा। BMI फिच सॉल्यूशंस के विशेषज्ञों के अनुसार, उन्हें तकनीकी और औद्योगिक आधार को मजबूत करना होगा और वृद्ध होती जनसंख्या के प्रभाव को कम करना होगा।
ताकाइची की जीत और अमेरिका से संकेतों के कारण जापानी ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। टोयोटा मोटर का शेयर 4.9% और होंडा मोटर का 4.7% बढ़ा। अमेरिकी आयात शुल्क में नरमी की अटकलों ने भी इस तेजी को बढ़ावा दिया।
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखा गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.1% गिरकर 27,119.36 पर बंद हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 8,984.70 अंक पर स्थिर रहा। चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे।
राजनीतिक घटनाक्रम का असर मुद्रा बाजार पर भी पड़ा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन कमजोर हुआ और डॉलर 149.79 येन पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ताकाइची के नेतृत्व में खर्च बढ़ने की संभावना महंगाई में इजाफा कर सकती है। यूरो $1.1720 पर स्थिर रहा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिकी क्रूड 61.76 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 65.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। OPEC+ ने नवंबर से 1.37 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया, जिससे आपूर्ति पर दबाव कम हुआ और कीमतों में स्थिरता आई।
जापान की राजनीति में हुए बदलाव ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। ताकाइची के नेतृत्व में बाजार उम्मीद कर रहे हैं कि आर्थिक सुधारों की दिशा तेज होगी। हालांकि, वृद्ध होती आबादी, तकनीकी चुनौतियां और भारी सार्वजनिक कर्ज जैसी समस्याएं नीतिगत फैसलों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ताकाइची इन समस्याओं का सामना कैसे करती हैं।