जातिवाद ने ली मासूम की जान: शांता कुमार बोले— यह इंसानियत की हार, छुआछूत भगवान का अपमान
शिमला/18/10/2025
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने रोहड़ू क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित बालक की आत्महत्या की दर्दनाक घटना पर गहरा दुख और गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मासूम की मौत नहीं, बल्कि इंसानियत और भगवान – दोनों का अपमान है।
बालक गलती से एक ऊँची जाति के घर में चला गया था, जहां उसे “घर अपवित्र” कहकर गोशाला में बंद कर दिया गया। अपमान और मानसिक पीड़ा से टूटे उस बच्चे ने अगले दिन जहर खा लिया। मरने से पहले उसने अपनी माँ से कहा कि वह इस अपमान को सहन नहीं कर पा रहा।
शांता कुमार ने इस घटना को समाज के लिए कलंक और भारतीय संस्कृति के लिए गहरी चोट बताया। उन्होंने कहा – “छुआछूत सबसे बड़ा पाप है। भगवान ने सभी को समान बनाया है, इसलिए किसी को नीचा दिखाना भगवान का भी अपमान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिस देश ने सदियों तक छुआछूत जैसी कुरीतियों का बोझ झेला, उसमें आज भी ऐसी घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सरकार और समाज दोनों से आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि जातिवाद और छुआछूत जैसी मानसिकता को समाप्त करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दुख जताया कि इस गंभीर घटना को न समाज ने आवाज दी और न मीडिया ने वह जगह दी जिसकी यह हकदार थी। उन्होंने कहा कि अगर अब भी समाज नहीं जागा, तो ऐसी घटनाएं मानवता को बार-बार शर्मसार करती रहेंगी।