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चुनाव कब होंगे, पहले तय करें सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू -मंत्री-सीएस-डीसी: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर सीधा वार”

शिमला/10/10/2025

jai ram thakur

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर पंचायत चुनाव करवाने हैं तो पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री, मुख्य सचिव (सीएस) और उपायुक्त (डीसी) आपस में बैठकर तय कर लें कि चुनाव कब करवाने हैं। सरकार के विरोधाभासी बयानों से यह साफ झलकता है कि प्रदेश में प्रशासनिक नहीं बल्कि संवैधानिक भ्रम की स्थिति पैदा हो चुकी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार और अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों से साफ पता चलता है कि सुक्खू सरकार पूरी तरह से कंफ्यूज और दिशाहीन हो चुकी है। अगर चुनाव समय पर करवाने हैं, तो फिर उपायुक्तों से यह पत्र क्यों लिखवाया गया कि “जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे, तब तक चुनाव नहीं कराए जा सकते”? यह सरकार का चुनाव टालने का नया हथकंडा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव टालने के लिए कांग्रेस सरकार ने बाकायदा जिला उपायुक्तों से पत्र लिखवाए, ताकि इन्हीं पत्रों को आधार बनाकर पंचायत चुनाव स्थगित करने का रास्ता तैयार किया जा सके। लेकिन सरकार की यह चाल उलटी पड़ गई क्योंकि चिट्ठी लीक हो गई। जयराम ने तंज कसते हुए कहा — “जैसे सरकार ने मंदिरों से पैसा वसूलने और टॉयलेट टैक्स लगाने की जल्दबाजी में फैसला लिया, वैसे ही यह चिट्ठी भी लीक हो गई, जिसने सरकार की पोल खोल दी।”

उन्होंने कहा कि अब सरकार बचाव की मुद्रा में आकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। “यह ऐसी सरकार है जहां डीसी कुछ कहते हैं, सीएस कुछ और, मंत्री कुछ और और मुख्यमंत्री कुछ और। जबकि चुनाव करवाने वाले संस्थान का बयान पूरी तरह अलग होता है। यह असमंजस की स्थिति प्रदेश के लिए बेहद नुकसानदायक और शर्मनाक है।”

जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला उपायुक्तों की चिट्ठियों से यह साफ हो गया है कि आपदा राहत को लेकर सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल उठते हैं। आपदा के बाद अब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई, न ही पुनर्वास कार्य आगे बढ़ा। इंफ्रास्ट्रक्चर को जो नुकसान हुआ, वह जस का तस पड़ा है। सरकार ने अब पंचायत चुनाव को टालने की योजना बनाकर यह भी साबित कर दिया है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

उन्होंने कहा कि लोग आज भी बेघर हैं, सर्दी सिर पर है और सरकार केवल “इंतजार कीजिए” कह रही है। “सरकार में बैठे लोग शायद जानते ही नहीं कि बेघर होना कितना दुखदाई होता है। ऐसे में भीषण सर्दी में भी लोगों को उनके हाल पर छोड़ देना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।”

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल को आपदा राहत के लिए लगातार आर्थिक मदद दे रही है, लेकिन सुक्खू सरकार वह पैसा जनता पर खर्च करने के बजाय अपने राजनीतिक मित्रों और प्रचार-प्रसार में उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों का हक उन्हें मिलना चाहिए और सरकार को अपने वादे पूरे करने चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर वास्तव में सरकार को चुनाव करवाने हैं, तो अब भी दो से ढाई महीने का वक्त है, फिर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने की तैयारी क्यों? जिस तरह नगर निगम चुनाव को पहले अध्यादेश और फिर विधानसभा बिल लाकर रोका गया, उसी तरह अब पंचायत चुनाव को टालने की योजना भी स्पष्ट हो गई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार कहती कुछ है और करती कुछ और। “प्रदेश की जनता को गुमराह करने का सिलसिला कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों से ही शुरू किया था, जब 10 गारंटियों का वादा किया गया और सत्ता में आते ही कहा गया कि हमने तो ऐसा कुछ कहा ही नहीं।”

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, ₹1500 महिलाओं को, किसानों को राहत, बागवानों को मनमाफिक दाम, ₹100 किलो दूध, ₹3 किलो गोबर, ₹680 करोड़ के स्टार्टअप फंड जैसी घोषणाएँ सिर्फ झूठे सपने थे, जो सत्ता में आने के बाद हवा में उड़ गए।

उन्होंने कहा कि अब इस सरकार पर प्रदेशवासी भरोसा नहीं करते, क्योंकि यह सरकार हर मोर्चे पर झूठ बोलने और वादाखिलाफी की आदी हो चुकी है। “सुक्खू सरकार ने जनता के बीच भरोसे का गहरा संकट पैदा कर दिया है — लोग अब इस सरकार के किसी भी वादे पर यकीन नहीं करते।”

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