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सुक्खू सरकार पर भड़के जयराम ठाकुर: अब बच्चियों पर भी मुकदमे दर्ज करने पर उतरी सरकार

मंडी/07/10/2025

bjp jairam

मंडी: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब बच्चियों पर मुकदमे दर्ज करने तक उतर आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने “छुटभैया नेताओं” के इशारों पर काम कर रहे हैं और एफआईआर करने की सनक में शासन को तानाशाही की दिशा में ले जा रहे हैं।

मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जहां से भी सरकार की नाकामी के खिलाफ आवाज उठती है, वहां मुकदमा कर दो, जेल में डाल दो, परिवार का बिजनेस तबाह कर दो, यही नीति इस सरकार की है।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में सरकार ने उन बच्चियों पर एफआईआर दर्ज कर दी, जिन्होंने एक सरकारी कार्यक्रम में खाना न मिलने की शिकायत की थी। कार्यक्रम में बच्चियों को घंटों धूप में बैठाया गया, और जब उन्होंने विरोध किया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पत्रकारों और विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर, सरकार अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल तानाशाही रवैया अपना रही है, बल्कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी कर रही है। “जो अधिकारी सरकार के टूल बनकर काम कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके हर फैसले की समीक्षा होगी। तब न सरकार काम आएगी, न कोई नेता,” उन्होंने चेताया।

नेता प्रतिपक्ष ने सड़कों की दुर्दशा और आपदा राहत राशि में घोटाले का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे मलबा उठाए बिना बिल पास किए जा रहे हैं और आपदा को राहत का नहीं, बल्कि “लूट का अवसर” बनाया जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 5500 करोड़ रुपये की राहत राशि में से केवल 300 करोड़ रुपये ही प्रभावितों तक पहुंचे हैं, जबकि शेष धनराशि का सरकार के पास कोई हिसाब नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत 1500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को भी सुक्खू सरकार अपने खर्चों में लगाना चाहती है, लेकिन “यह संभव नहीं होगा। आपदा प्रभावितों का पैसा सिर्फ उन्हीं को मिलेगा।”

उन्होंने सरकार की कार्यवाहक प्रणाली पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों में कार्यवाहक अधिकारी बैठे हैं, जिससे शासन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। “मुख्य सचिव, डीजीपी, एसपी, विश्वविद्यालयों के वीसी — सब कार्यवाहक हैं। मुख्यमंत्री अब अपने हिसाब से किसी की नियुक्ति भी नहीं कर पा रहे,” उन्होंने कहा।

जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री “संदिग्ध अधिकारियों के चंगुल में फंस चुके हैं” और यदि उन्होंने दिशा नहीं बदली तो यह स्थिति प्रदेश के लिए घातक साबित होगी। उन्होंने कहा, “तानाशाहों का अंत कभी अच्छा नहीं होता। सुक्खू सरकार को यह याद रखना चाहिए।”

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने बंगाल में भाजपा नेताओं पर हुए हमलों को लेकर कहा कि वहां कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक हिंसा की परंपरा को बढ़ावा दिया है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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