JNU में दशहरा विवाद के बाद प्रशासन सख्त, बिना अनुमति कार्यक्रम करने पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली/04/10/2025
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दशहरा के दिन छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। डीन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफिस, प्रो. मनुराधा चौधरी की ओर से जारी एडवाइजरी में निर्देश दिए गए हैं कि कैंपस में किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई समूह या संगठन बिना अनुमति कार्यक्रम करता है, तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों को सतर्क रहना चाहिए और परिसर में शांति एवं सद्भाव बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। बृहस्पतिवार को हुए विवाद में दो छात्र गुटों के बीच टकराव हुआ था, जिससे छात्रों में तनाव का माहौल बन गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा और परिसर में अनुशासन बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई छात्र या संगठन कानून अपने हाथ में लेता है, तो उसके खिलाफ न केवल विश्वविद्यालय स्तर पर बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन ने छात्र संगठनों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में हिंसा का सहारा न लें और विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने के लिए काम करें। कार्यक्रमों के आयोजन से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करना अब सभी के लिए अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या टकराव न हो।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम को JNU में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र समूहों के बीच जमकर विवाद हुआ। यह विवाद रावण के पुतले पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों उमर खालिद और शरजील इमाम की तस्वीर लगाने और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान जुलूस पर पत्थरबाजी करने को लेकर हुआ।
इस दौरान ABVP ने आरोप लगाया कि वामपंथी छात्र समूहों ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा पर हमला किया। वहीं वामपंथी संगठनों ने ABVP पर राजनीतिक प्रचार के लिए रावण दहन कार्यक्रम के जरिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इस विवाद के कारण पूरे विश्वविद्यालय में तनाव का माहौल बन गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब से किसी भी छात्र समूह या संगठन को अनुमति के बिना कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम JNU प्रशासन की यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि परिसर में भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा, विवाद या टकराव न हो।