कर्नाटक में प्लास्टिक फ्री पहल: सरकारी आयोजनों में सिर्फ नंदिनी प्रॉडक्ट्स का उपयोग, प्लास्टिक बोतलों पर पूर्ण रोक
कर्नाटक/01/11/2025
कर्नाटक सरकार ने पर्यावरण को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने के लिए बड़ा और सख्त निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सभी सरकारी विभागों को आदेश दिया है कि भविष्य में किसी भी सरकारी बैठक, कार्यक्रम या कार्यालय में प्लास्टिक की पानी की बोतलें इस्तेमाल नहीं की जाएंगी। इस आदेश के तहत प्लास्टिक की जगह स्टील, ग्लास या अन्य टिकाऊ विकल्पों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। सरकार ने इस आदेश को “तत्काल लागू” मानने को कहा है ताकि प्लास्टिक उपयोग पर तुरंत रोक लग सके।
मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है, और इसलिए प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध को बिना किसी अपवाद के लागू किया जाए। राज्य सरकार को भरोसा है कि इस कदम से प्लास्टिक से होने वाले कचरे और प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी।
सरकारी कार्यक्रमों में अब सिर्फ नंदिनी उत्पाद
प्लास्टिक पर रोक के साथ-साथ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है — अब से सभी सरकारी कार्यक्रमों में नंदिनी डेयरी (KMF) के उत्पाद ही परोसे जाएंगे। दूध, चाय, कॉफी और डेयरी से जुड़े अन्य आइटमों में किसी और ब्रांड के उत्पादों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
नंदिनी डेयरी को कर्नाटक की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। इस निर्णय के जरिए सरकार का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और किसानों को आर्थिक समर्थन देना है। इससे राज्य की डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी और स्थानीय ब्रांड को बढ़ावा मिलेगा।
आदेश कब लागू हुआ?
आदेश जारी: 28 अक्टूबर
सार्वजनिक घोषणा: 31 अक्टूबर 2025
सरकार ने सभी विभागों को सुपाठ साफ निर्देश दिया है कि आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी कार्यक्रमों में प्लास्टिक बोतलें स्टील/ग्लास जैसी पर्यावरण-अनुकूल बोतलें
किसी भी ब्रांड की चाय/कॉफी केवल नंदिनी उत्पाद
यह निर्णय न सिर्फ प्लास्टिक के प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि कर्नाटक के स्थानीय उद्योगों को भी बड़ी मजबूती देगा। सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण + स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दोनों दिशाओं में अहम माना जा रहा है।