NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

कोलकाता सुरक्षित नहीं, NCRB की रिपोर्ट भ्रामक: आरजी कर रेप पीड़िता के माता-पिता ने उठाया बड़ा आरोप

कोलकाता/05/10/2025

CRIME

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप पीड़िता के माता-पिता ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की उस रिपोर्ट का कड़ा विरोध किया है, जिसमें कोलकाता को भारत का सबसे सुरक्षित शहर बताया गया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि यह रिपोर्ट वास्तविक परिस्थितियों का सही चित्रण नहीं करती और केवल कागजी कार्रवाई पर आधारित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता में कम से कम 90 प्रतिशत घटनाओं की एफआईआर दर्ज ही नहीं होती। गोला थाना क्षेत्र में एक लड़की को बेरहमी से पीटा गया, और तीन महीने बाद भी इस घटना की कोई जानकारी सामने नहीं आई। उन्होंने कहा, “यहाँ छह महीने की बच्ची भी सुरक्षित नहीं है। ब्यूरो अपने दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट बनाता है, लेकिन हकीकत का अंदाजा नहीं लगा पाता। कोई भी सुरक्षित नहीं है—ना मर्द, ना बच्ची।”

पीड़िता की मां ने कोलकाता में सुरक्षा की कमी पर गहरा दुख और निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर उचित सुरक्षा होती तो उनकी बेटी, जो डॉक्टर थी, अपने अस्पताल में सुरक्षित रहती। उसे बेरहमी से पीटा गया और मार डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं आम हैं और सालभर में लगभग 200 ऐसी घटनाएं होती हैं। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी के कारण इन घटनाओं की सही रिपोर्टिंग या समाधान नहीं हो पाता।

हालांकि, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने घोषणा की है कि कोलकाता लगातार चौथे वर्ष भारत का सबसे सुरक्षित शहर घोषित हुआ है। पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व की सफलता बताया। कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस बल नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभार कमियाँ होती हैं, लेकिन सुधार, टीम वर्क और आधुनिक तकनीक के उपयोग से सफलता प्राप्त की जा रही है।

इस घटना और आरोपों ने कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था और NCRB की रिपोर्ट की निष्पक्षता पर बहस को जन्म दिया है। पीड़िता का परिवार और नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और कानून प्रवर्तन संस्थाओं को वास्तविक घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

Scroll to Top